बस की टक्कर से हुई थी मौत, 12 लाख मुआवजे के आदेश
सीटीयू बस की टक्कर से 22 साल के युवक की मौत के मामले में मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने मृतक के परिवार को 12 लाख 39 हजार 600 रुपए मुआवजा दिए जाने का फैसला सुनाया है। मृतक के पेरेंट्स की ओर से कोर्ट में मुआवजे के लिए याचिका दायर की गई थी। परिवार का कहना था कि पारस एक प्राइवेट कंपनी में सेल्स रीप्रेजेंटेटिव का काम करता था और उसकी महीने की सेलरी 10 हजार रुपए थी। परिवार ने कहा कि पारस की उम्र महज 22 साल थी। परिवार ने कोर्ट से एक करोड़ रुपए मुआवजे की मांग, हालांकि कोर्ट ने सभी पहलुओं को देखते हुए 12,39,600 रुपए का मुआवजा दिए जाने का फैसला सुनाया। याचिका के मुताबिक 31 जनवरी 2017 को पारस अपनी बाइकसे सेक्टर-22 से दड़वा अपने घर जा रहा था। जब वह सेक्टर-19/20/27/30 राउंड अबाउट के पास पहुंचा तो सेक्टर-19 की तरफ से आ रही सीटीयू की बस(सीएच01जी 5222)ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही पारस जमीन पर गिर गया और बुरी तरह घायल हो गया। पीसीआर की मदद से पारस को सेक्टर-32 के अस्पताल में पहुंचाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
22 साल के पारस की हुई थी मौत, ड्राइवर पर लापरवाही के थे आरोप
सीटीयू ने कहा... मामला झूठा
सीटीयू के वकील ने बचाव में कहा कि पुलिस ने ड्राइवर के खिलाफ झूठा केस दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि जिस बस से हादसे की बात की जा रही है, वह तो उस समय उस रूट पर थी ही नहीं। सीटीयू के वकील ने कहा कि बस में जीपीएस सिस्टम लगा था जिसके मुताबिक एक्सीडेंट के समय वह बस पिकाडली चौक पर थी। वहीं, मृतक के परिवार के वकील सुनील दीक्षित ने कहा कि पुलिस की एफआईआर के मुताबिक इसी बस से एक्सीडेंट हुआ था जिसमें पारस की जान गई। एडवोकेट दीक्षित ने कहा कि जिस समय पारस का एक्सीडेंट हुआ, तभी पीछे से उसके अंकल संदीप अपनी कार से आ रहे थे। ये हादसा उनके सामने हुआ था और उन्होंने कोर्ट में आकर गवाही भी दी। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने मृतक के परिवार को 12, 39,600 रुपए का मुआवजा अदा करने के निर्देश दिए।