फीडबैक फॉर्म और टोल फ्री नंबर से बताएं कहां है पार्किंग प्रॉब्लम
शहर में पार्किंग के रेट घटाने को लेकर निगम के मेयर व काउंसलर एकजुट हो गए हैं। सोमवार को हाउस मीटिंग में पार्किंग के रेट घटाने का एजेंडा भी आ रहा है। इसको लेकर अब कंपनी भी अपना पक्ष रखने के लिए सामने आई है। शनिवार को आर्या टाेल इंफ्रा लिमिटेड की ओर से होटल पार्क प्लाजा सेक्टर-17 में प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कंपनी ने बताया कि कैसे रेट बढ़ाने का फैसला खुद निगम के अफसरों व काउंसलर्स ने लिया था। अब पार्किंग की प्रॉब्लम को सुलझाने के लिए कंपनी ने टोल फ्री नंबर और फीडबैक फाॅर्म को शुरू करने का एलान किया है।
पार्किंग पंगा
पार्किंग रेट डबल
पब्लिक को ट्रबल
शहर में पेड पार्किंग ऑपरेट करने वाली कंपनी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रखी अपनी बात
सोमवार से हर पार्किंग में फीडबैक फॉर्म और टोल फ्री नंबर...कंपनी के डायरेक्टर सुनील कुमार ने कहा कि सोमवर से शहर की सभी पेड पार्किंग में एक फीड बैक फॉर्म मिलेगा। इस फॉर्म को भरकर वहीं पार्किंग के कर्मचारी को जमा करवाएं और उनकी रसीद भी मिलेगी। फाॅर्म के जरिए लोग यह बता सकते हैं कि उन्हें पार्किंग में किस तरह की समस्या आ रही है। इसके अलावा कंपनी ने टोल फ्री नंबर शुरू किया है और किसी भी समय इस पर कॉल करके आप अपनी समस्या बता सकते हैं। यह टॉल फ्री नंबर है 18001231819 और खासबात है कि लोग जो भी समस्या बताएंगे उस पर 24 घंटे के बीच एक्शन होगा और समस्या चाहे जितनी बड़ी हो उसे 7 दिनों के भीतर सुलझा लिया जाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस करते कंपनी के डायरेक्टर।
कोर्ट में नहीं जाना चाहते...सुनील ने कहा कि उनकी कंपनी कोर्ट में नहीं जाना चाहती और वहां जाना आखिरी रास्ता होगा। अगर पार्किंग के रेट कम होते हैं तो हम निगम के साथ मिलकर इसका रास्ता निकालेंगे। हमने 14 करोड़ 78 लाख रुपए सालाना की रकम पर यह पार्किंग ली है और रेट कम करने से जो हमारा नुकसान होगा उसे कम कर लिया जाए तो बीच का रास्ता निकल सकता है। फिलहाल सालाना कॉन्ट्रैक्ट की रकम को प्रति दिन के हिसाब से लगाया जाए तो हम निगम को हर रोज 5 लाख 50 हजार रुपए दे रहे हैं और सैलरी व अन्य खर्चे मिलाकर हमें हर रोज 7 लाख 25 रुपए का खर्च आ रहा है।
फैक्ट्स एंड फिगर्स...
शहर में सिर्फ 2 परसेंट व्हीकल्स 4 घंटे से ज्यादा पार्किंग में रुकते हैं
पेड पार्किंग का कुल एरिया 2 लाख 70 हजार स्कवेयर मीटर
इसमें 10 हजार 900 टू व्हीकल और 11 हजार 700 फोर व्हीलर्स आ सकते हैं।
2001 से 2016 तक शहर में 2 रुपए टू व्हीलर और 5 रुपए फोर व्हीलर के होते थे।
आर्या को अलॉटमेंट से पहले निगम को पार्किंग से कुल कमाई करीब 4 करोड़ 50 लाख थी।