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बिल्डिंग बायलॉज के तहत सोलर प्लांट लगाना जरूरी

3 वर्ष पहले
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चंडीगढ़ रिन्युअल एनर्जी साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसायटी (क्रेस्ट) की तरफ से रविवार को रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-10 और एनजीओ युवसत्ता के साथ मिलकर एक सोलर कैंप लगाया गया। ये कैंप सेक्टर-10 के गवर्नमेंट म्यूजियम हॉल में लगाया गया। जिसमें सीईओ क्रेस्ट संतोष कुमार व बाकी अफसर भी मौजूद थे। यहां आए लोगों को संतोष कुमार ने बताया कि सोलर फोटोवोल्टिक पावर प्लांट लगाकर न सिर्फ वे शहर को ग्रीन-सोलर सिटी के तौर पर डेवलप कर सकते हैं, बल्कि बिल्डिंग बायलॉज के हिसाब से 1 कनाल या इससे ज्यादा बड़े घरों में सोलर प्लांट लगाना वैसे भी जरूरी कर दिया गया है। कैंप में आए लोगों ने उनसे सवाल किए कि क्या सोलर प्लांट लगाने पर वे इससे मिलने वाली बिजली से फ्रिज या एयर कंडिशनर चला सकते हैं। इस सवाल पर संतोष कुमार ने कहा कि सोलर प्लांट लगाने पर जो बिजली जेनरेट होगी उससे पंखे, लाइट, टीवी और एयर कंडिशनर भी चला सकते हैं। अगर तब भी प्लांट से बनी बिजली बचती है तो वो ग्रिड में चली जाएगी। जिससे उनको इनकम भी हो सकती है या फिर उसको बिजली के बिल में एडजस्ट किया जा सकता है।

ज्यादा चक्कर लगाने की जरूरत नहीं...

सोलर प्लांट लगाने के लिए डिपार्टमेंट टू डिपार्टमेंट चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है बल्कि इसके लिए प्रशासन ने एक वेबसाइट solarchandigarh.com बनाई है और जो भी लोग सोलर प्लांट अपने घरों में लगाना चाहते हैं वे इस वेबसाइट पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। यहां एक लिस्ट उन कंपनियों की दी गई है जो सोलर प्लांट लगाती हैं। बिल्डिंग बायलॉज के हिसाब से प्रशासन ने 17 मई तक आखिरी तारीख रखी है। इस तारीख के बाद अगर 1 कनाल या इससे ज्यादा बड़े घरों में प्लांट कैटेगरी वाइज नहीं लगे होंगे तो उन पर इस्टेट ऑफिस कार्रवाई करेगा।

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