सुखबीर सिंह बाजवा, चंडीगढ़ |
स्वच्छ नदियों में से एक ब्यास दरिया में शुगर मिल से लीक हुआ कई लाख लीटर शीरा मिलने से हजारों मछलियां और गायों के साथ-साथ कई जीव मर गए। पर्यावरण मंत्री ओपी सोनी ने शीरा फेंकने वाली बटाला स्थित चड्ढा शुगर मिल सील करने और मिल की 25 लाख की सिक्योरिटी राशि जब्त करने का आदेश दिया है। वहीं, वाइल्ड लाइफ के प्रिंसिपल चीफ कंजर्वेटर कुलदीप सिंह का कहना है कि ब्यास के पानी को दोबारा पूरी तरफ साफ होने में अभी करीब 10 दिन और लगेंगे, लेकिन तब तक यह दूषित पानी आगे राजस्थान और सरहिंद फीडर तक पहुंच जाएगा। इससे और मछलियों के मरने की आशंका है। शीरे का असर हरिके पत्तन तक हुआ है। इससे पानी में छोड़े गए 47 घड़ियालों और 12 से ज्यादा डाॅल्फिन की जान पर भी खतरा है। कारण, देश में रिवर डाॅल्फिन सिर्फ ब्यास में ही हैं।
10 दिन लग सकते साफ होने में : चीफ कंजर्वेटर
ब्यास तक पहुंचा पोंग डैम का पानी, हरिके पहुंचेगा शनिवार दोपहर तक
राहुल शर्मा/रविंदर कुमार. तरनतारन/ हरिके पत्तन
चड्ढा शूगर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड कीड़ी अफगान जिला गुरदासपुर से सीरा डिसचार्ज का असर दूसरे दिन भी हरिके हैड वर्कस में देखने को मिला। वहां पानी का रंग अभी भी गहरा पीला है और मरी मछलियों को वहां देखा जा सकता है।
हरिके हैडवर्क से ही पानी फिरोजपुर और राजस्थान हैडवर्क तक को प्रभावित कर दिया है। हरिके हैड वर्कस से बहने वाला फिरोजपुर फीडर व राजस्थान फीडर का पानी गंदला हो गया है और 3 किलोमीटर की दूरी तक पानी की बदबू से दम घुट रहा है। अभी तक इस पानी की सफाई के लिए पुख्ता प्रबंध दिखाई नहीं दे रहे हैं। वहीं, शीरे के असर को खत्म करने के लिए पोंग डैम तलवाड़ा से छोड़े गए पानी को हरिके पहुंचने में अभी शनिवार दोपहर तक का समय लग सकता है। शुक्रवार सुबह यह पानी जीटी रोड ब्यास पुल तक पहुंच गया और वहां शीरे का प्रभाव काफी कम देखने को मिला है। शुक्रवार को पंजाब के मुख्य वन्यपाल कुलदीप कुमार द्वारा डीएफओ चरनजीत सिंह व डब्ल्यूडब्ल्यूएफ अधिकारी मैडम गीतांजलि कंवर द्वारा ब्यास से लेकर हरिके झील तक दौरा किया गया। इस दौरान टीम मरी हुई 45 किलोग्राम के करीब मछलियों को अपने साथ फोरेंसिक जांच के लिए ले गए हैं। इसके अलावा विभिन्न इलाकों से पानी के सेंपल भी लिए गए हैं। दूसरी तरफ मरने वाली मछलियों को डिस्पोज ऑफ करने का कोई प्रबंध जिला प्रशासन या फारेस्ट डिपार्टमेंट की तरफ से नहीं किया गया।
शुक्रवार को टीम ने ब्यास से हरिके झील तक दौरा कर मरी मछलियां जांच के लिए जब्त कीं।
कैट फिश से चला पता; दरिया में काफी नीचे तक हुआ असर
कुलदीप कुमार के अनुसार ब्यास का पानी दूषित होने से कैट फिश भी भारी संख्या में मरी हैं। इससे साबित होता है कि शीरे ने दरिया में काफी नीचे तक असर किया है, क्योंकि कैट फिश पानी में सबसे नीचे रहती हैं। अगर उस पर भी इसका असर हुआ है तो इससे साबित होता है कि पानी ने दरिया में काफी नीचे तक असर किया है।
मिल मालकिन सरना की भतीजी
लीकर किंग रहे पोंटी चड्ढा के भाई की इस शराब फैक्टरी व शुगर मिल को उनके परिवार की बहू जसदीप कौर चड्ढा चला रही हैं, जो डीएसजीपीसी के प्रधान रहे परमजीत सिंह सरना की भतीजी है। जसदीप कौर पंजाब में शराब। सरना मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के धार्मिक मामलों की सलाहकार भी बताए जाते हैं।