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शुगर मिल पर तीन दिन में भी एफआईआर नहीं, शिकायत पर लगा दिए 21 आॅब्जेक्शन

3 वर्ष पहले
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बटाला के कीड़ी अफगाना स्थित चड्ढा शुगर मिल से 17 मई को लीक हुए लाखों लीटर शीरे के ब्यास में मिलने से लाखों मछलियों और जीवों के मरने के तीसरे दिन भी मिल प्रबंधकों के खिलाफ केस दर्ज नहीं हुआ है। इस मामले में प्रशासन प्रबंधकों को बचाता दिख रहा है। हालांकि, वाइल्ड लाइफ के अफसरों ने पुलिस को रिपोर्ट भेज दी है, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से पुलिस कार्रवाई से पहले मांगी गई कानूनी राय में इस रिपोर्ट पर 21 आॅब्जेक्शन लगाए गए हैं, जिससे कार्रवाई में देर हो रही है। हालांकि, वाइल्ड लाइफ के प्रिंसिपल चीफ कंजर्वेटर कुलदीप कुमार का कहना है कि वह इन 21 ऑब्जेक्शन्स को दूर करेंगे। ताकि इस मामले में जल्द कार्रवाई हो सके।

अभी मेरे पास नहीं आई फाइलः

कानूनी माहिर की तरफ से वाइल्ड लाइफ की शिकायत पर लगाए गए आॅब्जेक्शन्स के बारे में गुरदासपुर के डिस्ट्रिक्ट अटाॅर्नी सलवान का कहना है कि इस संबंधी फाइल अभी तक उनके पास नहीं आई है। जब आएगी उसके बाद ही कुछ कह सकते हैं।

सीचेवाल बोले-कार्रवाई न हुई तो कोर्ट जाऊंगा : कपूरथला| पर्यावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सिचेवाल का कहना है कि उन्होंने 18 साल में काली बेईंं में पड़ते 150 गांवों और शहरों का दूषित पानी बंद करवाकर ब्यास दरिया के पानी में सुधार किया था। लेकिन शुगर मिल से निकले शीरे ने एक ही दिन में पानी दूषित कर दिया। अगर सरकार ने कोई कार्रवाई न की तो वह कोर्ट जाएंगे।

ये लगाए गए आॅब्जेक्शन...

मिल मालिक व जिम्मेदार अफसरों के रजिस्टर्ड दस्तावेज सौंपे जाएं।

साबित किया जाए कि जब नुकसान हुआ, तब मिल चल रही थी।

वाइल्ड लाइफ के जिन अफसरों ने शिकायत की है, क्या उनके पास ऐसी पावर है।

साफ किया जाए कि सैंपल किस अफसर ने सील किए और किसके पास जमा कराए गए।

सैंपल अगर जांच के लिए भेजे गए हैं तो उस लैब का डिस्पैच नंबर साथ लगाया जाए।

वाइल्ड लाइफ के जिन अफसरों ने शिकायत की है, उनके पोस्टिंग ट्रांसफर आॅर्डर दिखाए जाएं।

डैमेज रिपोर्ट में स्पष्ट नहीं है कि दरिया में कितना नुकसान हुआ और कितनी दूरी तक हुआ।

कानून के अनुसार जहरीले पानी की रिपोर्ट पेश करना जरूरी है।

शिकायत रिपोर्ट की तारीख के बारे में बताएं।

फोटोग्राफर और फोटो डेवलपर को गवाह बनाया जाए और उससे पक्की रसीद ली जाए।

शिकायत के साथ जो फोटो अटैच हैं, उनसे साबित नहीं होता कि काले रंग का पानी चड्ढा शुगर मिल से ही निकला है। इसे स्पष्ट किया जाए।

इसकी विडियोग्राफी जरूरी थी। यह की गई है या नहीं।

चड्ढा शुगर मिल के खिलाफ पहले भी वन विभाग या पाॅल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की ओर से कोई कार्रवाई की गई, यह स्पष्ट किया जाए। रिपोर्ट में यह बात अधूरी है।

जहरीले पानी से कितने जीवों का नुकसान हुआ है और किस इलाके में हुआ है।

क्या मरने वाले जीवों का पोस्टमाॅर्टम या मेडिकल करवाया गया है। मेडिकल रिपोर्ट साथ लगाई जाए। जीव की मौत का कारण जहरीला पानी है या बीमारी इसका ओपीनियन मेडिकल एक्सपर्ट से लिया जाए।

दूषित हुए पानी का मिल में स्टोर शीरे के सैंपल से मिलाया किया जाए। मिलान की रिपोर्ट लैब से हासिल की जाए।

वेटिंग के लिए पेश की गई रिपोर्ट कानूनी पक्ष से अंतिम है और कानूनी पक्ष पूरे करती है।

-शिकायत के साथ लगाए गए दस्तावेजों को साबित करने के लिए गवाह रखे जाएं।

शिकायत के समय पब्लिक का कोई एविडेंस क्यों नहीं रखा गया।

गवाहों की लिस्ट साथ लगाई जाए।

गवाहों के बयान दर्ज किए जाएं।

तीसरे दिन कर्मोवाल के पास दिखीं 2 डाॅल्फिन...

शनिवार शाम गांव कर्मोवाल के नजदीक ब्यास में दो डाल्फिन दिखीं। पानी प्रदूषित होने के बाद से 12 से ज्यादा डाॅल्फिन लापता थीं। 35 गोताखोर लगातार इनकी तलाश कर रहे थे। चीफ कंजर्वेटर कुलदीप कुमार का कहना है कि डाॅल्फिन इतनी आसानी से नहीं मरती। ये पानी से बाहर आकर सांस लेती है।

कानून: 3 साल कैद संभव

वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत पर्यावरण को खराब करने, पानी में जहरीला पदार्थ छोड़ने (जिससे जीव-जतंुओं को हानि पहंुचे) के तहत केस दर्ज किया जाता है। इसके तहत 3 साल की जेल, 25 हजार जुर्माना हो सकता है।

पीपीसीबी की कमेटी मिलाें की करेगी चैकिंग

पटियाला | बटाला के कीड़ी अफगान स्थित चड्ढा शुगर इंडस्ट्रीज से लीक होकर ब्यास दरिया में मिले शीरे से दूषित हुए पानी से मछलियों समेत अन्य जलजीवाें के मरने के बाद पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बाेर्ड एक्टिव हाे गया है। बाेर्ड चेयरमैन केएस पन्नू ने प्रदेश में संचालित करीब 18 शुगर मिलाें में चेकिंग करने के अादेश जारी किए हैं। इसकाे लेकर बाेर्ड ने हार्इ लेवल कमेटी गठित की है अाैर कमेटी से दाे दिन में रिपोर्ट तलब करने के अादेश जारी किए हैं। चेयरमैन पन्नू ने बताया कि गठित टीम काे सख्त हिदायत की है कि शूगर मील जांच के दाैरान किसी प्रकार की काेताही न बरती जाए। इसके साथ ही उन्होंने दूषित पानी के कारण मरीं मछलियों की बाजार में बिक्री पर भी हैरानी जताई है।

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