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गाड़ियों के पीछे लाइट्स नहीं तो रजिस्ट्रेशन रद्द होगी, स्पीड चैक करने के लिए बनेंगे ऑटोमैटिक स्पीड बैरियर, कटेंगे ई-चालान

3 वर्ष पहले
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सड़क हादसों को कम करने और सुरक्षा संबंधी फंड के सही इस्तेमाल के लिए सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इसमें गृह सचिव, ट्रांसपोर्ट सचिव और एडीजीपी शामिल होंगे। इस साल सड़क सुरक्षा के लिए 20 करोड़ का फंड उपलब्ध है। पंजाब सड़क सुरक्षा कौंसिल की मीटिंग में कैप्टन ने ट्रैफिक नियमों की उल्लंघना पर गंभीर नोटिस लिया। जिन गाड़ियों के पीछे लाइट्स नहीं लगी हैं या खराब हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई के साथ रजिस्ट्रेशन तक रद्द करने को कहा है। गाड़ियों में ट्रैक्टर-ट्रालियां भी शामिल की गई हैं। कैप्टन ने शराब पीकर गाड़ी चलाने और अन्य ट्रैफिक रूल्स की उल्लंघना के लिए ई-चालान का सुझाव दिया। इसके लिए पुलिस को विशेष यंत्रों का इस्तेमाल करने को कहा। साथ ही गाड़ियों की स्पीड चैक करने के लिए ऑटोमैटिक स्पीड बैरियर स्थापित करने के भी निर्देश दिए।

मीटिंग में कैप्टन ने सड़क हादसे कम करने पर जोर दिया, ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए
सड़क सुरक्षा के फंड का सही इस्तेमाल करने के लिए तीन मैंबरी कमेटी गठित
हाइवे ट्रॉमा सेंटर बनेंगे, राजमार्गों पर एंबुलेंस
कैप्टन ने बजट में हाईवे ट्रॉमा सेंटरों को मंजूरी देने का जिक्र करते हुए कहा, एंबुलेंस सेवाएं शुरू करने के लिए निजी यूनिवर्सिटीज को भी उत्साहित किया जाएगा। इन्हें राज मार्गों पर अहम स्थानों पर खड़ा किया जाएगा। उन्होंने ट्रैफिक नियमों की उल्लंघन करने के आदी लोगों के लिए सख्त सजा यकीनी बनाने को भी कहा। जिससे अन्य लोग उल्लंघन करन से हिचकिचाएंगे।

400 में से 150 ब्लैक स्पाट ठीक किए
मीटिंग में कौंसिल की तरफ से बताया गया कि 2017 में राज्य भर में हादसों वाले 400 ब्लैक स्पॉट की पहचान की गई जिनमें से 150 को ठीक कर दिया गया है। पंजाब पुलिस पीडब्ल्यूडी से मिलकर हादसों वाली जगहों की पहचान कर उनमें सुधार ला रही है। एडीजीपी ट्रैफिक सर्व सत्या चौहान ने प्रेजेंटेशन देते बताया, हर जिले में विकेंद्रीकृत डाटा आधारित पहुंच अपनाई गई है। ओवरस्पीड और ड्रंकन ड्राइविंग के खिलाफ शहरी इलाकों में विशेष मुहिम चलाई गई है। जिससे बड़ा सुधार देखने को मिला है। चौहान के बताया, हेल्मेट पहनने और सीट बेल्ट लगाने के संबंध में भी बहुत सुधार आया है।

पिछले साल से 15 प्रतिशत मौतें कम
चौहान ने बताया, 2017 में सूबे में कुल 5997 हादसों में 4278 मौतें हुईं। जोकि 2016 में हुई मौतों के मुकाबले 15.7 प्रतिशत कम हैं। 2017 के दौरान 4024 व्यक्ति गंभीर जख्मी हुए। इसी साल हाइवे गश्त गाड़ियों और एंबुलेंसों ने राज्यभर में 3951 लोगों की जान बचाई। इन्हें तुरंत प्राथमिक सहायता देकर अस्पताल पहुंचाया गया।

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