विक्की गौंडर को शरण देने वाले सरपंच जगरूप सिंह का शव नाले के पास मिला
भास्कर न्यूज | गुरदासपुर, धारीवाल
जफ्फरवाल ड्रेन के पास से बुधवार को तलवंडी बथूनगढ़ के सरपंच जगरूप सिंह (30) का शव मिला है। इसी जगरूप के घर से नाभा जेल ब्रेक मामले में इस्तेमाल गाड़ियां बरामद हुईं थी। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ भी की थी। 20 अप्रैल 2017 को गुरदासपुर के काहनूवान चौक पर हुए गोलीकांड का मामला दर्ज होने के बाद जब पुलिस ने जांच शुरू की तो गैंगस्टर विक्की गौंडर व उसके साथी सुख भिखारीवाल, ज्ञान खरलां, हरि चट्ठा मजीठिया व गोपी के साथ गांव तलवंडी बथूनगढ़ के जगरूप का नाम भी आया था। न्यायिक हिरासत के बाद सरपंच जमानत पर बाहर आ गया और अब वह धारीवाल में शराब ठेकेदार की रेड टीम में काम कर रहा था। बुधवार सुबह थाना धारीवाल पुलिस को सूचना मिली की जफ्फरवाल ड्रेन के पास एक नौजवान का शव पड़ा हुआ है। पुलिस ने जब जाकर जांच की तो पता चला कि शव गांव तलवंडी बथूनगढ़ के अकाली सरपंच जगरूप सिंह पुत्र सुरिंदर सिंह का है। शव के पास ही उसकी सफेद रंग की एक्टिवा भी पड़ी हुई थी। पुलिस के अनुसार जगरूप के शरीर पर कोई चोट का निशान नहीं था लेकिन उसका शरीर नीला पड़ चुका था तथा मुंह से झाग निकल रही थी। मामला जहर निगलने का लग रहा है। धारीवाल थाना प्रभारी अमनदीप सिंह ने कहा कि मृतक जगरूप के परिजनों ने कोई ऐसा बयान नहीं दिया कि उन्हें किसी पर शक हो। 174 की कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
जगरूप सिंह की फाइल फोटो।
जहरीली वस्तु या ओवरडोज हो सकती है मौत का कारण
जिन हालात में सरपंच जगरूप का शव ड्रेन के पास मिला है और उसके मुंह से झाग निकल रही थी। पूरा शरीर नीला पड़ चुका थाद्ध उससे पुलिस अंदाजा लगा रही है कि उसकी मौत या तो कोई जहरीली वस्तु निगलने से हुई है या फिर नशे की ओवरडोज के कारण।
गैंगस्टर ज्ञान खरलांवाला की गिरफ्तारी के बाद सामने आया था जगरूप सिंह का नाम
10 जून को पुलिस व गैंगस्टरों की हुई मुठभेड़ के बाद पुलिस ने गैंगस्टर ज्ञान खरलांवाला को गिरफ्तार किया था। उसकी टांग पर गोली लगी हुई थी। उसकी गिरफ्तारी के बाद की गई पूछताछ के बाद पुलिस को पता चला था कि गौंडर गैंग को गांव तलवंडी बथूनगढ़ के अकाली सरपंच जगरूप सिंह अपने घर शरण दिया करता था। पुलिस ने जगरूप को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो पता चला था कि गुरदासपुर में गोलीकांड को अंजाम देने के बाद भी विक्की गौंडर उसी के घर जाकर रुका था तथा अकसर वहां आता-जाता रहा है।
एक्टिवा पर किसी काम के लिए कहकर निकला था घर से
मृतक जगरूप के दादा जागीर सिंह ने बताया कि जगरूप 6 महीने पहले जेल से जमानत पर बाहर आया था। आजकल वह धारीवाल एक्साइज विभाग के साथ काम कर रहा था। मंगलवार शाम वह अपनी एक्टिवा पर किसी काम के लिए गया था लेकिन वापस नहीं आया। सारी रात जगरूप की मां परमिंदर कौर उसे फोन लगाती रही लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। बुधवार सुबह उन्हें पता चला कि जगरूप का शव जफ्फरवाल ड्रेन के पास पड़ा हुआ है। मृतक जगरूप सिंह अविवाहित था और वह दो बहनों का इकलौता भाई था।
फर्जी बिलों पर वैपन बेचने के मामले की जांच फरीदकोट पुलिस से लेकर ओकू को सौंपी
बठिंडा. अमेरिका से स्मगल होकर आए हथियारों को फर्जी बिलों पर पंजाब में बेचने के मामले में फरीदकोट पुलिस की जांच पर उठे सवालों के बाद डीजीपी के निर्देश पर इस केस की जांच फरीदकोट पुलिस से आर्गेनाइजड क्राइम कंट्रोल यूनिट (ओकू) चंडीगढ़ को ट्रांसफर कर दी गई है। इस संबंध में फरीदकोर्ट में दर्ज एफआईआर नंबर 246 और 41 से संबंधित रिकार्ड भी चंडीगढ़ ओकू हेडक्वाटर पर मंगवा लिया गया है। इसके बाद अब इस मामले में आगे की जांच पड़ताल ओकू की विशेष टीम करेगी। क्योंकि 2014 में सामने आए इस मामले से संबंधित करीब 7 आरोपियों को आज तक फरीदकोट पुलिस ने न तो पकड़ा और न ही उनसे पूछताछ की तो अब इसकी जांच भी ओकू ही करेगी।