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मेहुल चौकसी ने पंजाब नेशनल बैंक के साथ 7,000 करोड़ रु. की धोखाधड़ी की

3 वर्ष पहले
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सीबीआई ने बुधवार को मुंबई की विशेष अदालत में ज्वैलर मेहुल चौकसी और 17 अन्य के खिलाफ चार्जशीट फाइल कर दी। इसके मुताबिक मेहुल की कंपनियों ने पंजाब नेशनल बैंक के साथ करीब 7,000 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की। सीबीआई ने चौकसी के खिलाफ 50 गवाहों से पूछताछ की। चार्जशीट में उसकी कंपनियों गीतांजलि जेम्स, गिली इंडिया और नक्षत्र के साथ बैंक कर्मचारियों के भी नाम हैं। पीएनबी में 13,000 करोड़ रुपए के घोटाले में यह दूसरी चार्जशीट है। पीएनबी ने इस सिलसिले में 13 फरवरी को सीबीआई में शिकायत दर्ज कराई थी।

सीबीआई ने 14 मई को हीरा कारोबारी और मेहुल के भांजे नीरव मोदी के खिलाफ चार्जशीट फाइल की थी। बुधवार को दायर चार्जशीट उससे अलग है। जांच एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि नीरव मोदी के खिलाफ सप्लीमेंटरी चार्जशीट भी जल्द फाइल की जाएगी। नई चार्जशीट में भी पीएनबी की पूर्व सीईओ ऊषा अनंतसुब्रमण्यम और दो कार्यकारी निदेशकों (ईडी) के नाम हैं। ऊषा अभी इलाहाबाद बैंक की प्रमुख हैं। वित्त मंत्रालय के कहने पर उनके और पीएनबी के दोनों ईडी- के.वी. ब्रह्माजी राव और संजीव शरण के अधिकार छीन लिए गए हैं। इनके नाम नीरव मोदी के खिलाफ दायर चार्जशीट में भी हैं।

सीबीआई ने सोमवार को मेहुल के भांजे नीरव मोदी के खिलाफ पहली चार्जशीट दायर की थी

चार्जशीट में आरोप- पीएनबी के शीर्ष अधिकारी जानते थे कि एलओयू से कैसे धोखाधड़ी होती है

2016 में इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) की चंडीगढ़ शाखा में एलओयू का घोटाला सामने आया था। आईओबी की गारंटी पर पीएनबी की दुबई शाखा ने कर्ज दिए थे। उस समय ऊषा अनंतसुब्रमण्यम पीएनबी की एमडी एवं सीईओ थीं। चार्जशीट के मुताबिक पीएनबी के शीर्ष अधिकारियों को पता था कि एलओयू से कैसे धोखाधड़ी की जा सकती है।

चार्जशीट में आरोप

143 एलओयू और 224 एफएलसी के जरिए चूना लगाया

मेहुल चौकसी की कंपनियों ने 143 लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) और 224 फॉरेन लेटर ऑफ क्रेडिट (एफएलसी) के जरिए पीएनबी को 7,000 करोड़ रु. का चूना लगाया।

पीएनबी अधिकारियों ने भारतीय बैंकों की विदेशी शाखाओं के नाम एलओयू और एफएलसी जारी किए। एलओयू/एफएलसी के आधार पर चौकसी की कंपनियों को कर्ज दिए गए।

बैंक अधिकारी ग्लोबल ‘स्विफ्ट’ मेसेजिंग सिस्टम के जरिए विदेशी शाखाओं को एलओयू की सूचना भेजते थे। लेकिन जांच से बचने के लिए आंतरिक सॉफ्टवेयर में इसकी जानकारी नहीं भरते थे।

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