बोदा में पेयजल संकट गहराया, चापाकल लगाने की मांग
चंदवा | चंदवा प्रखंड के बोदा गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। नदी-नाला सूख चुके हैं। जलस्तर के नीचे चले जाने के कारण कुआं भी सूखने लगा है। चापाकल भी खराब हो रहे हैं। जानवर ही नहीं मनुष्य भी पानी समस्या से जूझ रहे हैं। पड़ रही प्रचंड गर्मी के कारण जलस्तर नीचे चले जाने से गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। बोदा गांव की ऊपरी टोली में पानी का एकमात्र सहारा कुआं के सूख जाने से टोले में जलसंकट गहराया हुआ है। यहां के लोग दूषित जल का सेवन करने को मजबूर हैं। चापाकल से भी दूषित पानी निकल रहा है। इसकी सूचना पर माकपा जिला कमेटी सदस्य अजीज अंसारी, इमरान अंसारी, परवेज अंसारी ने टोले का दौरा कर सूखे कुआं का जायजा लिया। टोले की सरातून खातून, साहिना खातून, पूजा कुमारी, रसना खातून, रियाजुल अंसारी, हसीना खातून, गुलबसा खातून, झबरी देवी आदि ने नेताओं को बताया कि हमलोग दो माह से पानी के लिए टोले में भटक रहे हैं। बहू-बेटियां शुद्ध पेयजल के लिए तरस रहे हैं। एक चापानल लगा देने से कुछ हद तक पानी की समस्या दूर हो जाएगी। माकपा ने उपायुक्त राजीव कुमार व बीडीओ देवदत्त पाठक से टोले में नया चापानल लगाने की मांग की है।