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16 की उम्र से दाउद इब्राहिम से जुड़ गया था धर्मेंद्र 14 साल से आजाद मिस्त्री बन रह रहा था शहर में
सोमेश चौधरी/सुखदीप चाहर | चरखी दादरी
गैंगवार, लूट, डकैती व हत्या जैसी वारदातों का गढ़ बन चुके चरखी दादरी जिले में रह रहे एक व्यक्ति के तार अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम के साथ भी जुड़े हुए हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल टीम ने दाउद इब्राहिम के इशारे पर शिया वक्फ बोर्ड चेयरमैन वसीम रिजवी की हत्या में शामिल झज्जर घाटी निवासी धर्मेंद्र शर्मा उर्फ धरमू को दबोच लिया है। रिजवी हत्याकांड के तीन आरोपियों ने पकड़े जाने के बाद पुलिस को चौथा आरोपी शहर झज्जर घाटी में होने की बात बताई थी। शहर में यह आरोपी आजाद मिस्त्री से मशहूर है। टीम ने उसके पास से एक देशी पिस्तौल सहित 3 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। बता दें कि 10वीं करने के बाद ही वह 16 साल की उम्र में ही दाउद के संपर्क मंें आ गया था।
मूलरूप से जिला महेंद्रगढ़ के गांव बसई निवासी 42 वर्षीय धर्मेंद्र शर्मा उर्फ धरमू 2004 में अपनी बूढ़ी मां और प|ी के साथ शहर के झज्जर घाटी मोहल्ले में किराए के एक छोटे से मकान में रहने लगा था। यहां उसने अपना नाम आजाद बताया हुआ था। धर्मेंद्र शर्मा उर्फ धरमू उर्फ आजाद शहर में छोटी मोटी दुकानों पर बिजली संबंधी कार्य सीख अपनी पहचान धर्मेंद्र शर्मा उर्फ धरम से बदलकर आजाद मिस्त्री के नाम से बना ली थी। पहली से 9वीं कक्षा तक पढ़ाई करने वाला धर्मेंद्र दादरी आकर आधार कार्ड में आजाद बन गया था लेकिन शहरवासियों को आजाद मिस्त्री का असली नाम धर्मेंद्र उर्फ धरमू पता चला जब शनिवार रात दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल टीम ने उसे शिया वक्फ बोर्ड चेयरमैन वसीम रिजवी की हत्या के जुर्म में गिरफ्तार कर ले गई। वसीम रिजवी की हत्या करने के लिए अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम ने सुपारी ली थी और इस काम को अंजाम देने के लिए बुलंदशहर निवासी वसीम को जिम्मेदारी सौंप दी। ऐसे में वसीम ने अपने बचपन के दोस्त धर्मेंद्र से संपर्क किया और उसे दिल्ली से लखनऊ तक रैकी करने साथ ले गया था। हत्या में साथ देने के लिए वसीम ने धर्मेंद्र को मोटी रकम आॅफर की थी। दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए वसीम, आरिफ व अवतार ने हत्याकांड से जुड़े चौथे गुर्गे को दबोचने के लिए मोबाइल नंबर व स्थायी पता बताया था। ऐसे में दिल्ली पुलिस की टीम शनिवार को दादरी झज्जर घाटी पहुंच गई थी। टीम मोबाइल लोकेशन के आधार पर सीधे घसोला पहुंच और एसी ठीक कर लौट रहे धर्मेंद्र उर्फ धरमू उर्फ आजाद मिस्त्री दबोचकर अपने साथ दिल्ली ले गई।