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10 पैंथर राइडर और 10 पीसीआर में तैनात कर्मचारियों की जेबों पर लगाए बॉडी कैमरे

3 वर्ष पहले
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पुलिस कर्मचारियों के आचरण में पारदर्शिता लाने व घटना स्थल पर पहुंचने में देरी करने वाले कर्मचारियों की अब खैर नहीं है। इसके लिए पुलिस अधीक्षक ने सोमवार को 10 पैंथर राइडर व 10 पीसीआर में बॉडी कैमरे लगवाए हैं। ऐसे में पुलिस अधीक्षक की अपने कर्मचारियों पर 24 घंटे नजर बनी रहेगी और पब्लिक भी नाजायज तौर पर पुलिस पर दबाव नहीं बना सकेगी। कैमरों की पूरी फुटेज शाम होते ही एसपी कार्यालय में जमा करवाई जाएगी।

अब कोई भी पुलिस कर्मचारी-पब्लिक पर अपना रौब नहीं दिखा पाएगा और न ही पब्लिक पुलिस कर्मचारियों पर नाजायज आरोप लगा सकेगी। इसके लिए पुलिस अधीक्षक हिमांशु गर्ग ने 3 लाख रुपये से 20 कैमरे खरीदकर कर्मचारियों की जेब व वाहनों पर लगवा दिए हैं। शहर में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए लगाई 10 पैंथर राइडर की वर्दी पर भी एक एक कैमरा लगाया गया है। वहीं शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगाई 10 पेट्रोलिंग पीसीआर पर भी कैमरे लगाए गए हैं। जब भी पुलिस कर्मचारी या पब्लिक पर आरोप लगेंगे खुद पुलिस अधीक्षक उसी समय के दौरान कैमरों की फुटेज जांच करेंगे।

वाहन भगाने वालों को भेजेंगे पोस्टल चालान

कई बार चालान काटते समय कई वाहन चालक अपने वाहनों को रोकने की बजाय भगा ले जाते हैं। ऐसे में पुलिस कर्मचारी की छाती वाली जेब पर लगे कैमरे में पूरी कार्रवाई व वाहन के नंबर और चालक का चेहरा फीड हो जाता है। जिसके बाद पुलिस वाहन की फुटेज आधार पर वाहन नंबर रजिस्ट्रेशन देख मालिक के पास पोस्टल चालान भेजेगी। चालान कोर्ट में पेश होगा।

अभिभावक खुद तोड़ रहे ट्रैफिक नियम

दादरी सिटी | ट्रैफिक पुलिस के विशेष अभियान अभिभावकों व बच्चों पर कोई खास असर नहीं डाल रहे है। बिना हेल्मेट व सेफ्टी के अभिभावक एक वाहन पर ही 3-3 बच्चों को सवार कर स्कूल छोड़ने जा रहे हैं। वहीं बच्चों का भी स्कूल में बाइक ले जाना फैशन सा बन गया है। ट्रैफिक पुलिस भी केवल अभियान चलाकर अपना कार्य पूरा कर लेते हैं, लेकिन जब कोई हादसा हो जाता है तो उसके बाद तुरंत कार्रवाई करने लग जाते हैं। कुछ दिनों बाद पुराने ढर्रे पर चलने लग जाती है। शहर में करीबन 40 निजी स्कूल चल रहे हैं। इन स्कूलों में किराए से बचने के लिए अभिभावक खुद ही बच्चों को स्कूल में छोड़ने का काम कर रहे हैं। बाइक पर स्कूल छोड़ने के दौरान अभिभावक न तो हेलमेट लगाता है न बच्चों के लिए कोई सुरक्षा का इंतजाम करता है। ट्रैफिक इंचार्ज पवन कुमार ने बताया कि स्कूली बच्चे व अभिभावन अगर लापरवाही करेंगे तो चालान काटे जाएंगे।

ट्रैफिक कर्मचारी को बॉडी कैमरा लगाते एसपी हिमांशु गर्ग।

आवाज से होगी आरोप की पुष्टि

पुलिस प्रवक्ता सुरेंद्र दांगी ने बताया कि इन कैमरों की खासियत यह है कि इनमें आवाज भी साफ साफ रिकार्ड होती है। कई बार वीडियो और फोटो कुछ बोलती हैं, लेकिन बात कुछ और ही होती है। ऐसे में पुलिस जांच बेहतर नहीं हो पाती है। यह कैमरे वीडियो रिकार्डिंग के साथ ही आवाज रिकार्ड करेंगे। जिसके आधार पर पुलिस बेहतर व सही कार्रवाई कर सकेगी।

हमने 10 पैंथर राइडर व 10 पीसीआर पर कैमरे लगाए हैं। जिससे चालान करते समय पब्लिक बाधा नहीं डाल सकेगी और पुलिस पर झूठे आराेप भी नहीं लगा पाएंगे। कैमरे से पुलिस कर्मचारियों के बर्ताव व आचरण में भी सुधार आएगा।’’ -हिमांशु गर्ग, पुलिस अधीक्षक

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