सफाई कर्मचारियों को जिस तरह से नगर परिषद चेयरमैन व अधिकारियों द्वारा नौकरी से निकाल दिए जाने की धमकी दी जा रही है व सरासर गलत है। उन पर दबाव बनाकर ड्यूटी पर हाजिर होने के लिए मजबूर किया जा रहा है, लेकिन अपना हक पाने तक कर्मी किसी भी सूरत में हड़ताल को समाप्त नहीं करेंगे।
ये बात सोमवार को नगर परिषद परिसर में करीब दो सप्ताह से धरना दे रहे धरना सफाई कर्मियों को संबोधित करते हुए सफाई कर्मी नेता यूनियन इकाई प्रधान राजेंद्र सिंह बागड़ी व उप्रपधान राजकुमार लूता, सचिव अजीत सिंहपुरिया ने कही।उन्होंने कहा कि सफाई कर्मी किसी भी तरह की धमकी से नहीं डरेंगे और न ही दबाव में आएंगे बल्कि हड़ताल पर तब तक रहेंगे जब तक कि उनकी जायज मांगों को मान कर पूरा नहीं किया जाता है।
अपनी मांगों को लेकर 22 मई को सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले रोष प्रकट किया जाएगा। सुबह 11 बजे राजकुमार के नेतृत्व में अपनी मांगों समान काम समान वेतन, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, ठेका प्रथा बंद कर विभाग के रोल पर कर्मी रखना, 10 लाख का बीमा, 5 हजार का जोखिम भत्ता, एनपीएस स्कीम बंद कर पुरानी पेंशन नीति लागू करना, पंजाब के समान वेतनमान, सातवें वेतन आयोग का पूरा लाभ दिया जाना आदि मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे।
इस दौरान पूर्व सहकारिता मंत्री सतपाल सांगवान भी आज धरना स्थल पर पहुंचे। इस अवसर पर रिषी, महेंद्र, जयभगवान, चंद्रभान, रामकिशन, पवन, राजेश, छाजू, सिकंदर, सागर, सूरज, सुनील, राम बाबू, हरबाई, रीटा, बाला, सुनीता, लाली, तीजो, पूनम, धनपति, संतोष, कर्मा, श्याम लाल, मंगत, किशन, शिव कुमार, दीपक व राजेश रहे।