चासनाला . एक ओर जहां पूरे देश में स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। ताकि शौच के लिए किसी को बाहर नहीं जाना पड़े। परन्तु इस अभियान के प्रति सार्वजनिक सेक्टर के सेल कोल वाशरी प्रबंधन चासनाला काफी उदासीन है। सेल चासनाला कोलियरी के कोल वाशरी प्लांट में लगभग 9 लाख की लागत से एक ठेकेदार ने मई 2016 में शौचालय का निर्माण कार्य शुरु किया। जिसका कार्य अवधि 6 माह की थी। परन्तु वह शौचालय अभी भी अधूरा लटका हुआ है। ठेकेदार कार्य को पूरा नहीं कर पाया है। जब कि कोल वाशरी प्लांट में कार्यरत दर्जनों महिलाएं और कर्मी शौच के लिए बाहर जाने पर मजबूर है। कोल वाशरी प्लांट में कुल 123 सेल कर्मी 170 ठेका कर्मी मजदूर दर्जनों महिला कर्मी तीन पाली में कार्यरत हैं। जो बाहर शौच जाने के लिए मजबूर हैं। जब कि अधूरा शौचालय में अभी तक ताला लटका हुआ पड़ा है। अनियमितता का आलम यह है कि निर्माणाधीन शौचालय पूर्व का एक वाहन रखने वाले पड़ाव में ही निर्माण किया जा रहा है। जिसके उपर पुराने टीन का शीट लगा दिया गया। जिसे बरसात में बारिश का पानी सीधे शौचालय में टपक रहा है और उसी टीन की कर्कट पर सिंटेक्स का पानी टंकी बैठा दिया गया है। कई राजनीति दल के नेताओं ने शौचालय निर्माण कार्य में हुई अनियमितता की जांच कराने की मांग किया है।