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चतरा में पहली बार बहुफसल थ्रेसर का किया गया प्रत्यक्षण

3 वर्ष पहले
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झारखंड सरकार के कृषि गन्ना एवं सहकारिता विभाग ने कृषि विज्ञान केंद्र को बहुफसल थ्रेसर (मल्टी क्रॉप थ्रेसर) उपलब्ध कराया है। इस थ्रेसर का जिले में पहली बार संस्थान के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. रंजय कुमार सिंह के संरक्षण में इंजीनियर विनोद कुमार पांडेय द्वारा चतरा जिले के गिद्धौर प्रखंड में गेहूं की फसल की थ्रेसिंग (मड़ाई) की गई।

बहुफसली थ्रेसर द्वारा गेहूं की मड़ाई गिद्धौर प्रखंड के प्रगतिशील किसान रामसेवक दांगी के थ्रेसिंग फ्लोर से हुई। चतरा जिले में इस प्रकार की थ्रेसिंग मशीन पहली बार लाया गया है। इससे पहले जो भी मशीन जिले में आई है, वो एक फसल के लिए रहती थी। इसके उपयोग से किसान मौसम के प्रभाव से फसल के उत्पादन के नुकसान से बच सकेंगे। कम समय में उत्पादन को अपने घर के अंदर सुरक्षित रख सकेंगे। यह मशीन जिले के किसानों के लिए वरदान साबित हो सकता है।

किसान गेहूं से लेकर धान तक कर सकेंगे थ्रेसिंग

बहुफसल थ्रेसर से किसान गेहूं, मक्का, सरगम, धान, चना, मटर, सोयाबीन, सरसों इत्यादि फसलों की थ्रेसिंग कर सकेंगे। इस थ्रेसर में भिन्न-भिन्न फसलों के अनुसार सिलेंडर की चाल, ब्लोअर की चाल तथा कनकेव क्लीयरेंस नियंत्रित करने की व्यवस्था है। इस थ्रेसर से एकल थ्रेसर (5 अश्व शक्ति) की तुलना में 60 प्रतिशत मजदूर की बचत होगी। 35 प्रतिशत खर्च में बचत भी होगी। समय का बचत भी किसानों को होगी।

सिलेंडर की चाल 7-21 मीटर प्रति सेकंड

इस थ्रेसर में स्पाइक टूप सिलेंडर, एसपिरेटर, टाइप ब्लोअर, सिमइत्यादि लगे हैं। इस थ्रेसर में दो टाप कवर, तीन कनकेव, तीन छलनी तथा भिन्न-भिन्न फसलों के अनुसार सिलेंडर लगी है। फसल के अनुसार सिलेंडर की चाल घटा बढ़ा सकते है। थ्रेसर में लगे सिलेंडर की चाल 7-21 मीटर प्रति सेकंड तक बदलने की व्यवस्था है।

मशीन के संचालन में प्रति क्विंटल 50 रुपए खर्च

इस थ्रेसर का कार्य क्षमता-450 किलो प्रति घंटा है। इसका सफाई क्षमता 99 प्रतिशत है। इस मशीन के संचालन में प्रति क्विंटल 50 रुपए खर्च आता है। जिसे कोई भी किसान इसे आसानी से चला सकता है। इस मशीन का उपयोग करके किसान बिना अनाज को क्षति पहुंचाए तथा लेबर का खर्च बचाते हुए आसानी से प्रोसेसिंग कर सकते हैं। इसके द्वारा प्रोसेसिंग किया गया अनाज किसान सुखाकर अगले वर्ष बीज के रूप में भी उपयोग कर सकते है। इस मशीन के द्वारा किया गया प्रोसेसिंग से बीज की शुद्धता अधिक मात्रा में पाया जाता है।

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