छबड़ा| थर्मल पावर प्लांट के निजीकरण को लेकर पूर्व विधायक ने विरोध जताया है। पूर्व विधायक करणसिंह राठौड़ ने बताया कि इंजीनियरों, वैज्ञानिकों और सैकड़ों मजदूरों की मेहनत एवं कई किसानों की जमीन अवाप्ति के बाद पॉवर प्लांट का निर्माण हुआ है, जबकि सरकार घाटे का सौदा बताकर इसके निजीकरण करने की तैयारी कर रही है, जिसे क्षेत्र की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। इसका विरोध किया जाएगा। प्रथम दो यूनिट पूर्व में भाजपा सरकार की ओर से लगाई गई थी। इसके बाद की दो यूनिट कांग्रेस के शासन में मंजूर करवाई गई थी। जिसका निर्माण हो चुका है। इस प्रोजेक्ट में भविष्य में दो यूनिट की और संभावना को देखते हुए पूर्व में भूमि अवाप्त की जा चुकी है। जिसके लिए पर्याप्त जमीन है। पूर्व विधायक राठौड़ ने इंजीनियरों, मजदूरों, किसानों व प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए निजीकरण का विरोध किया है।