छापीहेड़ा | नगर में वीर गंगा छापी नदी के उद्गम स्थल शिव शनि मंदिर पर श्रीमद् भागवत कथा एवं रुद्र महायज्ञ आयोजित किया जा रहा है। पागलदास महाराज के सानिध्य में 16 से 24 मई तक रूद्र महायज्ञ एवं 18 से 24 मई तक दोपहर 12 से 3 बजे तक की जा रही है। इसमें सीहोर के पं. कमलाकर महाराज के मुखारविंद से श्रीकृष्ण लीला का रसपान कराया गया जा रहा है। पं. कमलाकर ने रासलीला की विवेचना करते हुए बताया कि जीव रामावतार में रीछ व वानर के वेश में श्री राम के साथ में थे। वही जीव द्वापर में कृष्ण के साथ गोप-ग्वालों रूप में रहे। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक स्तर पर रासलीलाओं को आधार बनाकर आत्मा ही परमात्मा का अंश है, इसे हमें समझना चाहिए। वर्तमान में जो भी पुराने धार्मिक कार्यक्रमों में तन मन धन से सहयोग प्रदान करता है, वह भी परमात्मा का सानिध्य प्राप्त करते हैं।