प्रधानमंत्री मोदी के सामने प्रेजेंटेशन के लिए कलेक्टर ने शुरू की तैयारी
नीति आयोग की रैंकिंग में मप्र के 8 पिछडे़ जिलों को चिन्हित किया गया है। इन 8 जिलों में छतरपुर ऊपर से दूसरे नंबर पर है। अब प्रधानमंत्री मोदी 24 अप्रेल को मप्र के दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान वे मंडला में पिछड़े सभी 8 जिलों के कलेक्टर के साथ बैठक भी करेंगे। इस बैठक के लिए छतरपुर जिला प्रशासन ने तैयारियां भी शुरू कर दी है।
नीति आयोग ने स्वास्थ्य, शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं की लोगों तक पहुंच को आधार मानकर सर्वे किया है। इस सर्वे में छतरपुर प्रदेश के आठ पिछड़े जिलों में पाया गया है। सरकार से मिले निर्देशों के तहत कलेक्टर रमेश भंडारी ने इस कार्ययोजना के तहत तैयारियां शुरू कर दी है। सर्वे के बाद से अब तक हुए काम के आंकड़ों को एकत्रित किया जा रहा है। रिकाॅर्ड को अपडेट भी किया जाएगा। कलेक्टर रमेश भंडारी ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ मीटिंग के संबंध में निर्देश मिले हैं। पर अभी विस्तृत कार्यक्रम और मीटिंग का एजेंट या प्रेजेंटेशन के बिंदु नहीं आए हैं। इसके बावजूद उन्होंने अपने स्तर पर तैयारियां कर दी है। आगे जो विस्तृत एजेंड आएगा उसी के अनुरूप प्रेजेंटेशन को बदला जाएगा। इन पिछडे़ जिलों के डेवलपमेंट के लिए नीति आयोग ने एक कार्ययोजना भी तैयार की है। इस कार्ययोजना के संबंध में भी प्रधानमंत्री के साथ मीटिंग में निर्देश दिए जाएंगे।
स्वास्थ्य में पिछड़ा है छतरपुर जिला
नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार छतरपुर जिला स्वास्थ्य सेवाआंे की निचले स्तर पर पहुंच में बहुत कमजोर पाया गया है। कलेक्टर ने बताया कि गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण और चार बार होने वाली जांच के आंकड़ों में छतरपुर पिछड़ा है। इसका कारण सीमावर्ती इलाकों (उप्र और सागर-दमोह) में महिलाएं दूसरे जिलों में इलाज के लिए चली जाती हैं। इससे इनका रिकाॅर्ड अपडेट नहीं हो पा रहा है। इसके लिए उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता और एनएनएम को जिम्मेदारी देकर अभियान शुरू किया है।