शहर के कई पुराने तालाब है, जिनका अस्तित्व खतरें में हैं। तालाबों में पुराई करने के बाद अतिक्रमण किया जा रहा है। संकट मोचन तालाब पर अतिक्रमण जोरों पर चल रहा, इस बात की खबर पाकर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और तालाब के डूब क्षेत्र में पड़े मलबे को दो दिन के अंदर हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा है कि यदि दो दिनों में मलबे को नहीं उठाया जाता है, तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई करेंगे।
संकट मोचन तालाब में पिछले कुछ दिनों से लगातार अतिक्रमणकारियों के द्वारा डूब क्षेत्र में मलबा डालकर पुराई की जा रही थी। इसकी शिकायत मेडिकल कॉलेज संघर्ष , तो सोमवार की दोपहर तहसीलदार आलोक वर्मा, नायब तहसीलदार और पटवारी जुगल किशोर के साथ नगरपालिका का अमला मौके पर पहंुच गया। अधिकारियों ने अतिक्रमण करने वाले राजू खान को दो दिन के अंदर तालाब का मलबा बाहर निकलवाने की नसीहत देते हुए स्थगन आदेश और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि अगर अतिक्रमणकारी इस मलबे को दो दिन के अंदर नहीं हटाते, तो दो दिन बाद वह खुद इस पर कार्रवाई करेंगे।
किशोर सागर तालाब में मौका मिलते ही हो जाती है पुराई
किशोर सागर तालाब का अस्तित्व मिटाने में अतिक्रमणकारी जुटे हुए है। इसमें मौका पाते ही डूब क्षेत्र में पुराव का कार्य शुरु कर दिया जाता है। हजारों ट्रॉलियां मिट्टी इस तालाब के डूब क्षेत्र में डाल दी गई है। जलसंकट गहराने का यह भी एक कारण है। शहर के सभी तालाब अतिक्रमणकारियों के चपेट में आते जा रहे। इस बात की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को होने के बाद भी वह कार्रवाई करने से पीछे हटते है।
भास्कर संवाददाता | छतरपुर
शहर के कई पुराने तालाब है, जिनका अस्तित्व खतरें में हैं। तालाबों में पुराई करने के बाद अतिक्रमण किया जा रहा है। संकट मोचन तालाब पर अतिक्रमण जोरों पर चल रहा, इस बात की खबर पाकर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और तालाब के डूब क्षेत्र में पड़े मलबे को दो दिन के अंदर हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा है कि यदि दो दिनों में मलबे को नहीं उठाया जाता है, तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई करेंगे।
संकट मोचन तालाब में पिछले कुछ दिनों से लगातार अतिक्रमणकारियों के द्वारा डूब क्षेत्र में मलबा डालकर पुराई की जा रही थी। इसकी शिकायत मेडिकल कॉलेज संघर्ष , तो सोमवार की दोपहर तहसीलदार आलोक वर्मा, नायब तहसीलदार और पटवारी जुगल किशोर के साथ नगरपालिका का अमला मौके पर पहंुच गया। अधिकारियों ने अतिक्रमण करने वाले राजू खान को दो दिन के अंदर तालाब का मलबा बाहर निकलवाने की नसीहत देते हुए स्थगन आदेश और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि अगर अतिक्रमणकारी इस मलबे को दो दिन के अंदर नहीं हटाते, तो दो दिन बाद वह खुद इस पर कार्रवाई करेंगे।
सीएम के निर्देशों पर नहीं हो रहा अमल : पिछले दिनों खजुराहो में जल बचाओ अभियान के तहत एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें अन्ना हजारे और जलपुरुष राजेंद्र सिंह शामिल हुए थे। इस दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पहुंचे थे और उन्होंने जिले के जल स्त्रोतों और तालाबों से एक सप्ताह में अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन सीएम के जाते ही यह निर्देश कागजी साबित हुए और अतिक्रमण नहीं हटाया गया।