कॉलेजों में प्रवेश को लेकर उच्च शिक्षा विभाग ने अभी शेड्यूल जारी नहीं किया है, लेकिन दो से तीन दिन में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। अभी कॉलेजों की मैपिंग हो रही है। सिलेबस व सीटों की संख्या अपलोड की गई है। विभाग ने कॉलेजों में ई-प्रवेश को लेकर सत्र 2018-19 के लिए कुछ बदलाव किए हैं।
खास बात है कि छात्राओं का रजिस्ट्रेशन नि:शुल्क रहेगा। सभी वर्गों की छात्राओं को सिर्फ पहले चरण में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुल्क माफ रहेगा। बाद के चरणों में निर्धारित शुल्क देना होगा। अभी यह शुल्क 100 रुपए निर्धारित है। मेधावी विद्यार्थियों को भी 5% छूट दी गई है। पिछले साल तक 12वीं में 75% या इससे अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को सिर्फ 1 रुपए कॉलेज फीस लेकर प्रवेश दिया जाता था। अब 70% या इससे अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को सिर्फ 1 रुपए कॉलेज फीस देना होगी। ऑनलाइन प्रवेश के दौरान लगने वाले रजिस्ट्रेशन शुल्क पहले की तरह देना होगा।
उच्च शिक्षा विभाग ने अब तक नहीं किया शेड्यूल जारी, 3 दिन में प्रक्रिया शुरु होने की संभावना
रसीद देखकर दे कियोस्क पर शुल्क
सरकार ने छात्राओं को शुल्क में छूट जरूर दे दी है लेकिन कियोस्क पर मनमाने रुपए वसूलने की शिकायतें आती है। छूट होने पर छात्राओं का रजिस्ट्रेशन शुल्क शून्य रहेगा। केवल सेवा शुल्क देना होगा। यह दोनों रसीद पर लिखा होता है।
भास्कर संवाददाता | छतरपुर
कॉलेजों में प्रवेश को लेकर उच्च शिक्षा विभाग ने अभी शेड्यूल जारी नहीं किया है, लेकिन दो से तीन दिन में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। अभी कॉलेजों की मैपिंग हो रही है। सिलेबस व सीटों की संख्या अपलोड की गई है। विभाग ने कॉलेजों में ई-प्रवेश को लेकर सत्र 2018-19 के लिए कुछ बदलाव किए हैं।
खास बात है कि छात्राओं का रजिस्ट्रेशन नि:शुल्क रहेगा। सभी वर्गों की छात्राओं को सिर्फ पहले चरण में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुल्क माफ रहेगा। बाद के चरणों में निर्धारित शुल्क देना होगा। अभी यह शुल्क 100 रुपए निर्धारित है। मेधावी विद्यार्थियों को भी 5% छूट दी गई है। पिछले साल तक 12वीं में 75% या इससे अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को सिर्फ 1 रुपए कॉलेज फीस लेकर प्रवेश दिया जाता था। अब 70% या इससे अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को सिर्फ 1 रुपए कॉलेज फीस देना होगी। ऑनलाइन प्रवेश के दौरान लगने वाले रजिस्ट्रेशन शुल्क पहले की तरह देना होगा।
5 फीसदी सीट दिव्यांगों के लिए होगी आरक्षित : दिव्यांगों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से सीट संख्या में बढ़ोतरी की गई है। इस बार दिव्यांगों के लिए कॉलेजों में 5 फीसदी सीट आरक्षित रहेंगी। जबकि पिछले साल तक 3 फीसदी सीट आरक्षित रहती थी।
इस सत्र में यह भी नई व्यवस्था
Á पंजीबद्ध असंगठित कर्मकार की संतानों को स्नातक एवं स्नातकोत्तर दोनों नियमित पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने पर शैक्षणिक शुल्क से छूट।
Á स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं में अधिकतम आयु सीमा का बंधन समाप्त।
Á प्रथम वर्ष में प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए जुलाई माह के प्रथम सप्ताह में व्याख्यान होंगे।
Á डिजिटल इंडिया प्रोग्राम में ऑनलाइन प्रवेश शुल्क भुगतान की व्यवस्था।