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2000 बस कर्मचारी गए हड़ताल पर तो 500 बसों के थमे पहिए, लंबी दूरी के यात्री परेशान

3 वर्ष पहले
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प्रदेश सहित जिले में मंगलवार को बस कर्मचारियों की एक दिवसीय हड़ताल होने से पूरे दिन आने, जाने वाले यात्री परेशान रहे। यह सभी कर्मचारी अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर पूरे दिन हड़ताल पर रहे। इससे छतरपुर से चलने वाली 500 से अधिक यात्री बसों के पहिए थमे रहे। बसें नहीं चलने के कारण जिले में ही यात्रा करने वाले लोग ऑटो वाहन या किराए के वाहन से अपने गंतव्य स्थान पर गए। पर अन्य राज्यों या दूर जाने वाले यात्री पूरे दिन परेशान घूमते रहे। कुछ को तो यात्री प्रतीक्षालय में ही पड़े रहकर पूरा दिन गुजारना पड़ा।

मोटर व्हीकल संशोधित विधेयक को केंद्र सरकार ने संसद में पारित कराने के प्रयास कर रही है। ट्रांसपोर्ट उद्योग से जुड़े कर्मचारी इसका विरोध कर रहे हैं। इसी के चलते मंगलवार को छतरपुर में बस कर्मचारी हड़ताल पर रहे। यात्री ताहिर खान, राममोहन सिंह यादव ने बताया कि हम लोग झांसी से रीवा अपने घर जाने के लिए निकले थे। पर छतरपुर बस स्टेंड आने पर मालूम हुआ कि बस कर्मचारियों की हड़ताल है। इनके हड़ताल पर होने से पूरे दिन यहां के यात्री प्रतीक्षालय में ही रुकना पड़ा। इसी प्रकार सुमन सोनी, रजनी शुक्ला और शीला देवी ने बताया कि उन्हें अपने निजी काम से मंगलवार को भोपाल जाना था, पर हड़ताल होने से नहीं जा सके। इसी प्रकार भोपाल, रीवा, कटनी, ग्वालियर, सतना, जबलपुर, दमोह, लवकुशनगर, चंदला, बरीगढ़, बड़ामलहरा, राजनगर, खजुराहो, सागर, बंडा, शाहगढ़ सहित महोबा, हरपालपुर जाने वाले यात्री परेशान रहे।

दो हजार से अधिक कर्मचारी रहे हड़ताल पर: बस यूनियन के उपाध्यक्ष फइयाज खान और महामंत्री जागेश्वर ने बताया कि छतरपुर के एक और दो नंबर बस स्टैंड से 500 से अधिक बसों का संचालन किया जाता हे। इस दोनों बस स्टैंडों से जिला सहित अन्या राज्यों और बड़े शहरों के लिए बसें संचालित की जाती हैं। इस बसों में चालक, परिचालक और हेल्पर सहित 2000 से अधिक का स्टाफ है। जो रोजाना यात्रियों को उनके स्थान तक सुरक्षित पहुंचाने का कार्य करता है।

छतरपुर। शहर का सूना पड़ा बस स्टैंड क्रमांक 2 ।

भास्कर संवाददाता| छतरपुर

प्रदेश सहित जिले में मंगलवार को बस कर्मचारियों की एक दिवसीय हड़ताल होने से पूरे दिन आने, जाने वाले यात्री परेशान रहे। यह सभी कर्मचारी अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर पूरे दिन हड़ताल पर रहे। इससे छतरपुर से चलने वाली 500 से अधिक यात्री बसों के पहिए थमे रहे। बसें नहीं चलने के कारण जिले में ही यात्रा करने वाले लोग ऑटो वाहन या किराए के वाहन से अपने गंतव्य स्थान पर गए। पर अन्य राज्यों या दूर जाने वाले यात्री पूरे दिन परेशान घूमते रहे। कुछ को तो यात्री प्रतीक्षालय में ही पड़े रहकर पूरा दिन गुजारना पड़ा।

मोटर व्हीकल संशोधित विधेयक को केंद्र सरकार ने संसद में पारित कराने के प्रयास कर रही है। ट्रांसपोर्ट उद्योग से जुड़े कर्मचारी इसका विरोध कर रहे हैं। इसी के चलते मंगलवार को छतरपुर में बस कर्मचारी हड़ताल पर रहे। यात्री ताहिर खान, राममोहन सिंह यादव ने बताया कि हम लोग झांसी से रीवा अपने घर जाने के लिए निकले थे। पर छतरपुर बस स्टेंड आने पर मालूम हुआ कि बस कर्मचारियों की हड़ताल है। इनके हड़ताल पर होने से पूरे दिन यहां के यात्री प्रतीक्षालय में ही रुकना पड़ा। इसी प्रकार सुमन सोनी, रजनी शुक्ला और शीला देवी ने बताया कि उन्हें अपने निजी काम से मंगलवार को भोपाल जाना था, पर हड़ताल होने से नहीं जा सके। इसी प्रकार भोपाल, रीवा, कटनी, ग्वालियर, सतना, जबलपुर, दमोह, लवकुशनगर, चंदला, बरीगढ़, बड़ामलहरा, राजनगर, खजुराहो, सागर, बंडा, शाहगढ़ सहित महोबा, हरपालपुर जाने वाले यात्री परेशान रहे।

दो हजार से अधिक कर्मचारी रहे हड़ताल पर: बस यूनियन के उपाध्यक्ष फइयाज खान और महामंत्री जागेश्वर ने बताया कि छतरपुर के एक और दो नंबर बस स्टैंड से 500 से अधिक बसों का संचालन किया जाता हे। इस दोनों बस स्टैंडों से जिला सहित अन्या राज्यों और बड़े शहरों के लिए बसें संचालित की जाती हैं। इस बसों में चालक, परिचालक और हेल्पर सहित 2000 से अधिक का स्टाफ है। जो रोजाना यात्रियों को उनके स्थान तक सुरक्षित पहुंचाने का कार्य करता है।

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