बिजली उपभाक्ताओं के मीटर की नहीं हो रही रीडिंग, एवरेज बिल थमा रहा विभाग
मप्र पूर्व वितरण कंपनी से अपनी मांगे पूरी कराने के लिए जिले के सभी मीटर रीडर 21 मार्च से काम बंद हड़ताल पर है। हड़ताल के चलते कंपनी ने उनकी मांगे नहीं मानी है। इसलिए इस माह जिले के बिजली उपभोक्ताओं के मीटरों की रीडिंग नहीं हो पाई है। अब बिजली कंपनी इस माह के बिजली बिल लोगों को एवरेज के आधार पर दे रही है। बिना रीड़िग के कारण बिल अधिक आने से शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र के लोग कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं।
जिले भर के मीटर रीडर अपनी मांगों को लेकर 21 मार्च से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर डटे हुए हैं। इन कर्मचारियों के हड़लात पर होने के कारण विभाग 22 मार्च से 12 अप्रैल तक विभाग के कुछ कर्मचारियों से रीड़िंग करवाई पर कर्मचारी कम होने के कारण छतरपुर शहर के 35 हजार उपभोक्ताओं में से वे सिर्फ साढ़े 10 हजार उपभोक्ताओं तक ही पहुंच सके। इसलिए दक्षता ऐप में मीटर रीडिंग की सभी फोटो लोड़ नहीं हो सकी।
कुछ उपभोक्ताओं तक ही कर्मचारी पहुंच पाने के कारण इस माह में साढ़े 24 हजार उपभोक्ताओं की रीडिंग नहीं हो सकी। अब शहर के 24 हजार उपभोक्ताओं को बिजली कंपनी एवरेज बिल थामा रही है। इसी प्रकार जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में एवरेज बिल पहुंचने के कारण उपभोक्ताओं को अधिक बिल का सामना करना पड़ रहा है।
हम कर्मचारियों की नहीं हो रही सुनवाई
मीटर वाचक संघ जिला अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने बताया कि प्रदेश शासन व कंपनी द्वारा व्यक्ति विशेष को लाभ पंहुचाने के उद्देश्य से मीटर रीडिंग और बिल वितरण का कार्य निजी ठेकेदारों के हाथों में देने का कार्य किया गया है। मीटर रीडर एक नियमित व्यवस्था का हिस्सा होने के बावजूद भी बेरोजगार है। कंपनी निजी संस्था को कार्य सौंपने को तैयार है पर हम मीटर रीडरों की समस्याएं हल करने को तैयार नहीं।
भास्कर संवाददाता। छतरपुर
मप्र पूर्व वितरण कंपनी से अपनी मांगे पूरी कराने के लिए जिले के सभी मीटर रीडर 21 मार्च से काम बंद हड़ताल पर है। हड़ताल के चलते कंपनी ने उनकी मांगे नहीं मानी है। इसलिए इस माह जिले के बिजली उपभोक्ताओं के मीटरों की रीडिंग नहीं हो पाई है। अब बिजली कंपनी इस माह के बिजली बिल लोगों को एवरेज के आधार पर दे रही है। बिना रीड़िग के कारण बिल अधिक आने से शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र के लोग कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं।
जिले भर के मीटर रीडर अपनी मांगों को लेकर 21 मार्च से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर डटे हुए हैं। इन कर्मचारियों के हड़लात पर होने के कारण विभाग 22 मार्च से 12 अप्रैल तक विभाग के कुछ कर्मचारियों से रीड़िंग करवाई पर कर्मचारी कम होने के कारण छतरपुर शहर के 35 हजार उपभोक्ताओं में से वे सिर्फ साढ़े 10 हजार उपभोक्ताओं तक ही पहुंच सके। इसलिए दक्षता ऐप में मीटर रीडिंग की सभी फोटो लोड़ नहीं हो सकी।
कुछ उपभोक्ताओं तक ही कर्मचारी पहुंच पाने के कारण इस माह में साढ़े 24 हजार उपभोक्ताओं की रीडिंग नहीं हो सकी। अब शहर के 24 हजार उपभोक्ताओं को बिजली कंपनी एवरेज बिल थामा रही है। इसी प्रकार जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में एवरेज बिल पहुंचने के कारण उपभोक्ताओं को अधिक बिल का सामना करना पड़ रहा है।
कंपनी के अन्य कर्मचारियों से कराई है रीडिंग
इस मामले में बिजली कंपनी के डीई एसके गुप्ता ने बताया कि कंपनी के अन्य कर्मचारियों से इस माह रीडिंग करवाई है। इस माह तो वैकल्पिक व्यवस्था कर स्टाप के कर्मचारीयों से रीडिंग और बिल वितरण किया गया है। जिन उपभोक्ताओं के बढ़े हुए बिल पहुंचे हैं वे कार्यालय में आकर अपने बलों को ठीक करा सकते हैं।
अभी तक नहीं पहुंचे बिल
इस माह में ग्रामीण क्षेत्र सहित शहर क्षेत्र में उपभोक्ताओं के बिल घरों तक नहीं पहुंच पाए हैं। शहर की सीताराम कॉलोनी, बालाजीपुरम कॉलोनी, पठापुर रोड, देरी रोड, सौंरा रोड सहित कई कॉलोनी के उपभोक्ता इस माह के बिल न पहुंच पाने के कारण परेशान हैं। अब यह सभी उपभोक्ता बिजली कंपनी के कार्यालय पहुंचकर अपने-अपने बिलों को तलास रहे हैं। कार्यालय में बिल अधिक रखे होने के कारण तलास करने में भी उन्हें परेशानी को रही है।