छतरपुर जिले में खजुराहो एयरपोर्ट के अलावा कोई भी पक्का हेलीपेड नहीं है। लेकिन अब सरकार ने दो हेलीपेडों के निर्माण को लेकर स्वीकृति दे दी है। इसमें अब जिले के नौगांव और बिजावर क्षेत्र में दो पक्के हेलीपेडों का निर्माण शीघ्र शुरु किया जाएगा, इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया भी शुरु कर दी गई है। यह पूरा निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया जाएगा। वहीं छतरपुर में जमीन न मिलने के कारण हेलीपेड निर्माण नहीं हो पा रहा है।
गौरतलब है कि नौगांव और बिजावर नगर के समीप जल्द ही हेलीपेड बनाया जाएगा। इसके लिए लोक निर्माण विभाग ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर इसकी कवायद शुरू कर दी है। विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए आने वाले नेताओं के हेलीकॉप्टर यहां उतर सकेंगे। इसी तरह अब छतरपुर में भी हेलीपेड के लिए भी भूमि चयन का काम चल रहा है। जारी की स्वीकृति सूची में अभी छतरपुर नगर के समीप जमीन न मिलने से शामिल नहीं किया गया।
72 मीटर का बनेगा घेरा : श्री शुक्ला के अनुसार हेलीपेड निर्माण कार्य जगह की उपलब्धता पर निर्भर करता है। इसमें नियमानुसार 72 मीटर का घेरा बनाया जाएगा, जिसमें कुछ हिस्सा पक्का निर्मित होगा, जबकि अन्य स्थान को समतलीकरण करके हेलीपेड तैयार किया जाएगा। इसमें गेट, चारों तरफ से जाली लगाई जाएगी, ताकि हेलीपेड को नुकसान न पहुंचाया जा सके। श्री शुक्ला ने बताया कि इसके बाद विभाग के अधिकारियों ने नौगांव और बिजावर में जमीन का चयन कर लिया है। यह हेलीपेड नगर से 3-4 किमी दूर की जमीन को चिह्नित किया है। इस भूमि के आसपास रहवासी क्षेत्र नहीं है। ऐसे में यहां हेलीपेड बनाने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। इन सभी बातों का ध्यान रखा गया है।
छतरपुर में जमीन का चयन नहीं: छतरपुर में हेलीपेड बनना जरुरी है, लेकिन शहर के नजदीक सरकारी जमीन नहीं मिल पा रही है। इसमें विभाग द्वारा कई जमीने देखी गई, तो कहीं ऊंचे-ऊंचे पेड़ आड़े आ रहे हैं, तो कहीं बिजली के तार मुसीबत खड़ी कर रहे। ऐसे में अब छतरपुर में हेलीपेड नहीं बन पा रहा है। जमीन मिलने के बाद ही छतरपुर में हेलीपेड बनने की स्वीकृति मिल सकेगी। छतरपुर नगर के समीप हेलीकॉप्टर उतारने के लिए वर्तमान में अस्थाई हेलीपेड का निर्माण जिला प्रशासन द्वारा किया जाता है। लेकिन जमीन मिलने के बाद स्थाई व्यवस्था हो सकेगी।
दो कार्यो पर 16.44 लाख होंगे खर्च
हेलीपेड निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा स्वीकृति दी गई है। इसमें एक हेलीपेड पर 8.22 लाख रुपए खर्च होंगे यानि दो हेलीपेडों पर कुल 16.22 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें टेंडर के लिए विभाग द्वारा विज्ञापन भी जारी कर दिया गया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरु होगा। पीडब्ल्यूडी के एसडीओ आरएस शुक्ला ने बताया कि शासन द्वारा लोक निर्माण विभाग को छतरपुर, नौगांव, बिजावर में हेलीपेड बनाने के लिए जमीन चयन करने के आदेश दिए हैं।
विधानसभा चुनाव के लिए उपयोग
होगा हेलीपेड, प्रक्रिया तेज हुई
आगामी विधानसभा चुनाव आने वाले हैं। इसके दौरान प्रचार करने के लिए कई नेता हेलीकॉप्टर से आएंगे। उनके हेलीकॉप्टर विधानसभा क्षेत्र में ही उतर सके इसके लिए शासन ने लोक निर्माण विभाग को नौगांव और बिजावर में हेलीपेड बनाने के लिए स्वीकृति दी है। इसके बाद विभाग ने इसकी कार्रवाई तेज कर दी है। अब सब कुछ ही ठीक रहता तो यहां पर चार माह में ही हेलीपेड जल्द बनकर तैयार हो जाएगा। नेताओं को बाय रोड आने की परेशानी दूर होगी।