लहसुन 1600 रु. से कम बिका तो भी मिलेगा भावांतर का लाभ
लहसुन उत्पादक किसानों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। लहसुन का भाव 1600 रुपए कम होने पर भी किसानों को भावांतर भुगतान योजना का लाभ दिया जाएगा। यानी किसानों को 800 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से सरकार देगी। लहसुन उत्पादक किसानों के फायदे के लिए भावांतर भुगतान योजना में शनिवार को संशोधन किया गया है।
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा इस संबंध मे भोपाल, उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर, सागर, जबलपुर और रीवा के कमिश्नर तथा भोपाल, सीहोर रायसेन, राजगढ़, इंदौर, धार, झाबुआ, उज्जैन, देवास मंदसौर, नीमच, रतलाम, शाजापुर, आगर-मालवा, गुना, शिवपुरी, सागर, छतरपुर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, रीवा और सतना जिलों के कलेक्टरों को वर्ष 2018-19 के लिए लहसुन संबंधी भावांतर योजना निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
राज्य सरकार ने गत 9 अप्रैल को वर्ष 2018-19 के लिए लहसुन फसल के लिए भावांतर की देय राशि अधिकतम 800 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की थी। यदि 1600 रुपए प्रति क्विंटल से कम मूल्य पर लहसुन बिकता, तो उसकी गुणवत्ता को निम्न मानते हुए भावांतर योजना का लाभ नहीं देने का प्रावधान था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर किसानों के हित में यह प्रावधान समाप्त कर दिया गया है। इसका फायदा अब तक भावांतर भुगतान योजना में रजिस्टर्ड किसानों को मिलेगा।
16 अप्रैल से 10 लाख किसानों के खाते में पहुंचेंगे 1700 करोड़
भावांतर योजना के तहत लहसुन की खरीदी शुरू हो गई। करोंद मंडी में रखीं लहसुन की बोरियां।
16 अप्रैल से 10 लाख किसानों के खाते में सीधे 1700 करोड़ रुपए पहुंचेंगे। इसकी शुरुआत शाजापुर जिले से होगी। यह राशि पिछले साल समर्थन मूल्य पर खरीदे गए 67 लाख 21 हजार मीट्रिक टन गेहूं पर 200 रुपए प्रति क्विंटल अतिरिक्त रूप से भुगतान की होगी। इसी प्रकार धान उत्पादक किसानों को 200 रुपए प्रति क्विंटल अतिरिक्त राशि के भुगतान का वितरण बालाघाट जिले के वारासिवनी से 15 अप्रैल को होगा। करीब 72 हजार धान उत्पादक किसानों को 57 करोड़ 87 लाख रुपए से ज्यादा का भुगतान किया जाएगा।
चना, सरसों और मसूर खरीदी पर मिलेंगे 100 रुपए/क्विंटल
चना, सरसों और मसूर की खरीदी पर मुख्यमंत्री किसान समृद्धि योजना के तहत 100 रुपए प्रति क्विंटल अतिरिक्त राशि दी जाएगी। इसी प्रकार इस वर्ष खरीदे गए गेहूं पर 265 रुपए प्रति क्विंटल अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि पर का वितरण 10 जून से किया जाएगा।
कमिश्नर और कलेक्टर करवाएं खातों का सत्यापन
सरकार ने प्रदेश के सभी कमिश्नर और कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि वे किसानों के खातों का सत्यापन करवा लें ताकि उनके खातों में राशि देने में अड़चन नहीं आए। खरीदी में तेजी लाई जाए, ताकि उपज का अविलंब भंडारण हो जाए और किसानों के खातों में पैसे पहुंच जाएं।