छतरपुर शहर में पानी की कमीं दूर करने नगरपालिका ने शुरू किए पेयजल टैंकर
नगर पालिका परिषद छतरपुर ने रविवार को 15 अप्रैल से वार्डों में टैंकर के माध्यम से पेयजल सप्लाई शुरू कर दी है। नगर पालिका अध्यक्ष अर्चना गुड्डू सिंह ने हरी झंडी दिखाकर टेंकरों को वार्डों की ओर रवाना किया।
भाजपा राजनैतिक फीड बैक अाैर प्रतिक्रिया विभाग के जिला संयोजक प्रतीक खरे ने बताया कि पेयजल सप्लाई का पहला चरण शुरू हो गया है। पहले चरण में अभाव ग्रस्त वाले वार्डों में प्राथमिकता से पेयजल की सप्लाई की जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में 20 अप्रैल से छतरपुर नगर पालिका क्षेत्र में आने वाले सभी 40 वार्डों में टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जाएगी। टैंकरों को हरी झंडी दिखाने के बाद नगर पालिका अध्यक्ष अर्चना गुड्डू सिंह ने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि पूरे शहर में पानी की बेहद कमी है। पूरा शहर भीषण पेयजल संकट से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी नगर पालिका किसी भी वार्ड में पानी की कमी नहीं होने देगी। हर हाल में लोगों को पेयजल मुहैया कराया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की और कहा कि वे पानी की एक एक बूंद सहेजें उसे व्यर्थ बर्बाद न करें। टेंकर प्रत्येक वार्ड में भेजे जाएंगे। वार्डों के जिन हिस्सों में अधिक समस्या है। वहां पहले टेंकर भेजे जाएंगे। साथ ही स्थान निर्धारित कर लोगों को पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इस मौके पर पेयजल प्रभारी जगदीश मिश्रा, विद्या पटैरिया, ठेकेदार अमित शर्मा, भाजपा नेता प्रतीक खरे, अरविंद तिवारी, पार्षद अकरम खान, अफजल खान और महेन्द्र शर्मा सहित नगर पालिका के अधिकारी और कर्मचारीगण मौजूद थे।
छतरपुर। हरीझंडी दिखाकर रवाना किए टैंकर।
दुकानों, प्रतिष्ठानों का पंजीयन और नवीनीकरण होगा ऑनलाइन
भास्कर संवाददाता| छतरपुर
शासन के निर्देशानुसार सभी दुकानों, प्रतिष्ठानों अाैर नियोजकों के स्थापना अधिनियम के अंतर्गत किए जाने वाले पंजीयन अब ऑनलाइन लिए जाएंगे। इसके लिए एमपी ऑनलाइन कियोस्क के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम के तहत किए जाने वाले पंजीयन, नवीनीकरण की ऑफलाइन व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है।
आवेदक पंजीकरण अाैर नवीनीकरण के लिए अपना आवेदन एमपी ऑनलाइन कियोस्क के माध्यम से कर सकते हैं। साथ ही स्थापनाओं के प्रमाण-पत्र ऑनलाइन तरीके से प्राप्त होंगे। ऑनलाइन आवेदन की सेवा शुल्क जमा करने हेतु लेखा शीर्ष निर्धारित किए गए हैं। आवेदन भरते समय आवेदक को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रत्येक आवेदन का सेवा शुल्क निर्धारित लेखा शीर्ष में ही जमा किया जाए। निर्धारित लेखा शीर्ष में सेवा शुल्क जमा न होने की स्थिति में आवेदन पर आपत्ति होगी।