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गांव से मिट्टी और मुरूम का अवैध खनन कर सड़क निर्माण में खपा रहे ठेकेदार

3 वर्ष पहले
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सुदूर वनांचल ग्राम बकरकट्टा और साल्हेवारा तक जोड़ने वाले बकरकट्टा मार्ग निर्माण के लिए सांसद अभिषेक सिंह की पहल पर करोड़ों रुपए की स्वीकृति मिली है। लोक निर्माण विभाग की ओर से ठेका दिया गया। कार्यादेश भी जारी किया गया और आज काम भी जारी है। इस मार्ग के निर्माण से ब्लॉक मुख्यालय से वनांचल के 22-25 ग्राम पंचायतों को सीधे जुड़ जाने से वनांचल क्षेत्र को स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यापार सहित विभिन्न मामलों में प्रशासन को भी सुविधा होने वाली है। वहीं दूसरी तरफ बकरकट्टा से सीधे छुईखदान ब्लॉक मुख्यालय को जोड़ने वाली सड़क के निर्माण में उपयोग में लाए जाने वाले कच्चे माल, पुल-पुलिया के निर्माण के संबंध में भी क्षेत्रीय ग्रामीणों की ओर से लगातार शिकायतें की जा रही है। लेकिन विभाग द्वारा कार्रवाई नहीं की जा रही है।

जानकारी के अनुसार बकरकट्टा मार्ग निर्माण में लगने वाले मुरूम, गिट्टी आदि जंगल के भीतर के ही देवरचा से बसंतपुर के गांव से व्यवस्था कर आपूर्ति की जा रही है। उक्त आपूर्ति के लिए विभाग से बिल पास किया जाता रहा है, जिसके चलते न केवल विभाग को लाखों की हानि हो रही है, वहीं कच्चा माल के गुणवत्ता विहीन होने के चलते मार्ग के कम दिनों तक टिकने की आशंका है।

छुईखदान.बकरकट्‌टा मार्ग देवरचा से बसंतपुर के बीच गांव से अवैध उत्खनन कर निकाले जा रहे मुरुम, मिट्‌टी।

मुख्यमंत्री के विकास यात्रा में होगी शिकायत

प्रदेश के मुखिया डाॅ.रमन सिंह विकास यात्रा में 30 मई को छुईखदान में आगमन हो रहा है। उसमें नगरवासी लोनिवि के अधिकारी और ठेकेदार की शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं। इस मसले पर ग्रामीण एकजुट हो रहे हैं। उक्त ठेकेदार द्वारा पुल निर्माण के कार्यों में भारी अनियमितता बरते जाने की चर्चा विभाग में भी है।

बकरकट्‌टा मार्ड निर्माण के लिए सांसद ने की है पहल

पुल से पहले सड़क निर्माण से असमानता की संभावना

ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदार की ओर से बड़ी ही चालाकी और तेजी से रोड निर्माण कार्य को पूरा किए जाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि आने वाले समय में होने वाली बारिश में धुलाई का कारण बताते हुए और पुन: स्वीकृति की मांग की जा सके। जबकि रोड निर्माण से पहले मार्ग में आने वाले सभी छोटे-बड़े पुल-पुलिया का सटीक निर्माण कराया जाता है, ताकि उसकी ऊंचाई आदि के अनुरूप ही रोड को ढाला जा सके परन्तु यहां पर ऐसा नहीं होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगा है। इसे लेकर ग्रामीणों ने लगातार शिकायत की और बकायदा तथ्य भी दिए। लेकिन संबंधित विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई इससे आक्रोश है।

बिल पास कर रॉयल्टी के साथ काम कर रहे

बकरकट्टा मार्ग निर्माण के अंतर्गत कई गांवों में पुल-पुलिया मरम्मत कार्य के लिए अलग से टेंडर जारी कर कार्य कराया जा रहा है। इस मार्ग निर्माण में भीतरी गांव से अवैध मुरुम, मिट्‌टी खनन जैसे कोई बात नहीं है, इसके लिए बकायदा बिल पास कर रॉयल्टी के साथ कार्य किया जा रहा है। एस जी चौहान, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी, छुईखदान

डामरीकरण किया गया पर पुलिया का मेंटेनेंस नहीं

ब्लाॅॅक मुख्यालय से मात्र तीन किमी. की दूरी पर पड़ने वाले पहले ग्राम बीरूटोला से आगे लगभग 3 किमी. की दूरी पर बने सड़क एवं पुलिया की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। यहां पर मेंटेनेंस के नाम पर चल रहे कार्य में पहले पुलिया का मेंटेनेंस होना था परंतु इसके स्थान पर ठेकेदार की ओर से पहले रोड का काम कराया जा रहा है, उसके बाद पुल पुलिया आदि का मेंटेनेंस किए जाने की बात कही जा रही है। वहीं सड़क किनारे जिन मुरूम का प्रयोग किया जा रहा है उसकी गुणवत्ता तो पूरी तरह से संदेह के दायरे में बताई जा रही है जिसके चलते एक रोड मेंटेनेंस किए जानें के बाद भी बर्बाद होने के कगार पर होगा और शासन को हानि होगी।

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