फिंगेश्वर| फिंगेश्वर-छुरा प्रमुख मार्ग स्थित प्रसिद्ध घटारानी मंदिर परिसर में प्रतिवर्ष चैत्र व कुंआर महीने में प्रदेश सहित अंचल के दूर-दराज से सैलानियों का जनसैलाब उमड़ता है। मंदिर परिसर में तकरीबन 50 फीट ऊपर से गिरने वाले झरने का अनुपम नजारा बरबस ही लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
इस मार्ग में ग्रामीण श्रद्धालुओं को कच्चे मार्ग से आवागमन में काफी मशक्कतों का सामना करने से विभाग के द्वारा साल 2015-16 में एनीकट सह पुल-पुलिया का निर्माण के लिए वन विभाग के द्वारा करीब 52 लाख 40 हजार राशि की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई थी, बावजूद प्रशासनिक उदासीनता व गैर जिम्मेदार विभागीय अधिकारी की लापरवाही के चलते आज तक एनीकट सह-पुलिया निर्माण अधर में लटका हुआ है। ऐसे में विभाग के द्वारा वर्तमान में कराई जा रही निर्माण कार्य में खुले आम वन संपदा का दोहन किया जा रहा है। वहीं उक्त पुल पुलिया निर्माण में उपयोग में लाये जाने के मुरुम व बोल्डर काफी तादात में खुदाई कर वन विभाग के नियमों की खुले आम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। घटारानी के जंगल को रक्षित वन क्षेत्र घोषित करने के बावजूद वन विभाग के मार्फत कर्मचारी व अधिकारी के दबंगई के चलते हरे भरे वृक्षों को बरबस ही नुकसान पहुंचाकर एनीकट निर्माण में बोल्डर व मुरुम का उपयोग लाया जा रहा है। इसके पहले भी विभाग के द्वारा कराये गये काम में जतमई से घटारानी पहुंच मार्ग डब्लूबीएम कार्य में खुले आम बोल्डर व मुरुम का उपयोग कर क्षति पहुंचाई है। एनीकट निर्माण में पुलिया में मिट्टी रेत व मुरुम भर कर कम्प्रेसिंग करने के बजाय एक बड़े तादात में बोल्डर का उपयोग किया जा रहा जो कि आने वाले दिनों में पानी का दबाव होने व वाहनों का आने-जाने का ताता लगे रहने से एनीकट पुलिया खराब भी हो सकती है। लाखों की लागत से हो रहे निर्माण कार्य स्थल में किसी भी प्रकार की कोई सूचना पटल या शिलालेख नहीं लगा है, जिससे पता चले की स्वीकृति दिनांक, लागत, निर्माण समय की जानकारी लोगों को पता चल सके।
फिंगेश्वर. 52 लाख 40 हजार की लागत से एनीकट निर्माण हो रहा है।
विभाग का काम है विभाग की सामग्री उपयोग में लायी जा रही
वन परिक्षेत्र अधिकारी पांडुका अली ने कहा कि विभाग का काम है विभाग की सामग्री उपयोग में लायी जा रही है, इसकी कोई बिलिंग नहीं होगी। वहीं उन्होंने दूसरी ओर ये भी कहा कि एनीकट निर्माण हेतु गिट्टी, रेती, बोल्डर, सीमेंट, कांक्रीट सरिया सभी सामाग्री के लिए अलग-अलग ठेका दिया गया है। ठेकेदारों के द्वारा मटेरियल सप्लाई की जा रही है। निर्माण करने की जिम्मेदारी विभाग की है। वहीं वन मंडल अधिकारी राजेश पाण्डेय ने कहा कि एनीकट निर्माण में जंगलों का पड़े हुए बोल्डर के टुकड़े उपयोग में लाए जा रहे हैं। वहा किसी प्रकार की अवैध बोल्डर व मुरुम की खुदाई नहीं की गई है। फिलहाल उन्होंने मौका स्थल में जांच कर कार्यवाही करने की बात भी कही है।