छुरा| इस भीषण गर्मी के मौसम में जंगलों एवं गांवों में अधिकतर जल स्रोत सूखे पड़े हुए हैं। इसके कारण पालतू एवं जंगली जानवर प्यास बुझाने के लिए जंगल से शहरों, कस्बों और गांवों की ओर पहुंच रहे हैं, जिसके चलते कई हादसे का शिकार हो रहे हैं। आज हल्की बारिश होने से सड़कों पर जमे पानी से प्यासे बंदरों के झुंड ने अपनी प्यास बुझाई। वहीं वन विभाग के आला अफसरों ने कभी वनों में जल स्त्रोत बनाने के लिए नहीं सोचा, जिसके चलते अनेक जंगली वन्य प्राणी शिकारियों एवं कुत्तों के शिकार हो जाते हैं।