पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • माता के मंदिर में फूल चढ़ाने को नहीं मिले तो पूरे गांव में लगा दिए 250 से ज्यादा पौधे

माता के मंदिर में फूल चढ़ाने को नहीं मिले तो पूरे गांव में लगा दिए 250 से ज्यादा पौधे

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
लंबे समय तक कुवैत में नौकरी करने के बाद अपने गांव लौटा एक युवक गांव में स्थित काली मां के मंदिर पहुंचा। जहां उसे मां को फूल चढ़ाने के लिए नहीं मिला।

गांव में ढूंढने पर भी कहीं फूल नहीं मिले। बस फिर क्या था। युवक ने ठान लिया और मंदिर में फूलों के पेड़ ही पेड़ लगा दिए। इतना ही नहीं उन्होंने गांव के सभी मंदिरों में फूलों के पेड़ दिए। दरअसल ये बात है छींच गांव के नारेंग सोलंकी की। पढ़ाई में खास मन नहीं लगने के कारण उन्होंने छठीं कक्षा में ही पढ़ाई छोड़ दी और घर के खेतोंं पर किसानी करने लग गए। कुछ समय के बाद वे रोजगार की तलाश में कुवैत चले गए। घर-परिवार द्वारा उसको वैवाहिक बंधन में बांधने के उद्देश्य से चार वर्ष बाद वापस स्वदेश बुला लिया। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। स्वदेश लौटने पर नारेंग का मन भक्ति भाव मे रम गया तथा सुबह से लेकर देर रात का समय मंदिर में ही व्यतीत होने लगा और परिवार के कहने पर भी शादी के लिए मना कर भक्ति भाव मे जुट गया। नारेंग ने बताया कि छींच से बाहर खेतो में कालिका माता मंदिर पर एक समय बैठे हुए मन में विचार आया कि मां की प्रतिमा पर चढ़ाने को आसपास में कोई फूल नहीं मिला। इसके बाद शुरु हुआ वृक्ष प्रेम का सफरनामा।

करीब 9 वर्ष से वृक्ष सेवा में जुटे नारेंग ने बताया कि माँ के मंदिर में महज 8 से 10 माह में अच्छे फूलदार पौधे उग आए और लाल-पीले फूल भी खिल गए। गांव के हर मंदिर, तालाब और श्मशानघाट पर नारेंग के प्रयासों से पिछले तीन वर्षों में शानदार छायादार वृक्ष और फूलदार पौधे उग आए जिस पर गांव के सच्चिदानंद सेवा संस्थान, उपखंड अधिकारी बागीदौरा, ग्राम पंचायत छींच, गणेश युवा परिषद छींच ने नारेंग का सार्वजनिक मंचों पर सम्मानित किया। नारेंग ने छींच के अलावा गांव से 10 किमी दूर तक के मंदिरों में पौधे लगाए हैं। नारेंग ने बताया कि छींच और अन्य स्थानों पर लगाए गए पौधों की संख्या 220 से अधिक है जो कि पूर्ण सुरक्षित है तथा आगामी वर्षों में और भी अधिक वृक्ष लगाने की इच्छा है ताकि लोगों को राहत मिल सके।

छींच. पूर्व उपखंड अधिकारी चांदमल वर्मा से पुरस्कार प्राप्त करते नारेंग।

खबरें और भी हैं...