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चिरमिरी रेलवे स्टेशन के नलों से मिल रहा नाले का काई युक्त पानी, सेहत से खिलवाड़
चिरमिरी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को रेलवे गंदा व प्रदूषित पानी पिला रहा है। रेलवे स्टेशन के बगल में बहने वाले गंदे नाले के पानी को सामान्य तरीके से फिल्टर कर प्लेटफार्म के नलों तक पहंुचाया जा रहा है। गर्मी में यात्रियों को ठंडा पानी तक नहीं मिल रहा है। यात्री प्लेटफार्म पर लगे नल की ओर चले भी गए तो गर्म पानी निकलता देख उपयोग करने से बचते है। यही हाल रेलवे कालोनी का है।
कमाई के मामले में करोड़ों रुपए की आमदनी देने वाले चिरमिरी रेलवे स्टेशन के मांगों को पहले से ही नजर अंदाज किया जा रहा है, छोटी-छोटी सुविधाओं से भी रेलवे यहां मुंह फेरने लगा है। प्लेटफार्म पर शुद्ध पीने के पानी तक की सुचारु व्यवस्था नहीं है। यहां पानी इतना ज्यादा प्रदूषित है कि उससे बदबू आ रही है, इसके बावजूद भी रेलवे के अधिकारियों द्वारा पेयजल के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। कर्मचारियों का कहना है गंदे पानी की समस्या विगत कई सालों से है, जिसका समाधान नहीं निकाला जा रहा है। चीफ हेल्थ इंस्पेक्टर एसईसीआर मनेंद्रगढ़ द्वारा सितंबर 2016 में प्लेटफार्म नंबर 1 से लिए गए पानी के सैम्पल का रिपोर्ट असंतोषजनक बताया था, इसे यात्रियों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया था।
रेलवे यात्रियों को टिकट बेचकर करता है करोड़ों रुपए की कमाई, सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं, गर्मी में मिलता है गर्म पानी
इस नाले का पानी रेलवे अपने कुएं में करता है एकत्रित। ये पानी प्लेटफार्म के नलों से यात्रियों को मिलता है।
दो हजार यात्री करते हैं सफर
रेलवे स्टेशन चिरमिरी से प्रतिदिन लगभग 2000 से अधिक यात्री सफर करते है। यात्री स्टेशन के पानी को पीने के लिए उपयोग में लाते है, जिससे मजबूरी में उन्हें नलों से निकलने वाले गंदे पानी को ही पीना पड़ रहा है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन के आसपास पानी की दूसरी कोई व्यवस्था नहीं है।
एसई बोले- पहले से ही बनी है व्यवस्थाएं
हर दिन सैकड़ों मुसाफिर बिलासपुर, रायपुर, कटनी, मैहर, सतना व रीवा के लिए सीधे सफर करते हैं। लेकिन यात्रा करने वालों को यह मालूम ही नहीं होता कि वे लाेग गंदा पानी पी रहे हैं। जब भास्कर ने सिनीयर सेक्शन इंजीनियर मनेंद्रगढ़ चंद्रपाल से बात की तब उन्होंने कहा कि उन्हें यहां आए तीन महीने ही हुए है, यह व्यवस्थाएं पहले से बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में कुछ नहीं बता सकते है, जो भी जानकारी चाहिए पीआरओ बिलासपुर से लें।
रेलवे ने कई सालों से नहीं ली सुध
बीते सालों से रेलवे ने यहां पेयजल व्यवस्था की कोई सुध नहीं ली। माॅडल स्टेशन कहे जाने पर चिरमिरी में दूषित पानी को फिल्टर कर सप्लाई करने की योजना पर काम कर रही है। कर्मचारियों का कहना है कि पानी के हालात इतने ज्यादा खराब है कि इसे कितना ही फिल्टर क्यों न कर लिया जाए, पीने योग्य नहीं हो सकता है।
शुद्ध पानी का हो इंतजाम
मजबूरी में खरीदी पानी की बाटल
यात्री अजय बावरिया ने बताया कि शुद्ध पानी की व्यवस्था न होने के कारण मजबूरी में पानी बोटल खरीदना पड़ा।
गंदा और गर्म पानी मिलता है
अनीमा चटर्जी, यात्री ने बताया कि स्टेशन में आरओ नहीं है, जो पानी सप्लाई होता है, उसे पी नहीं पाते है। ठंडे पानी का इंतजाम नहीं है।
यात्रियों को मिलेगा शुद्ध पानी
स्टेशन प्रबंधक सुरेश महौर ने बताया कि स्टेशन परिसर में रेलवे द्वारा आरओ वाटर प्यूरीफायर लगाने का कार्य किया जा रहा है, जल्द ही यात्रियों को शुद्ध पानी मिलेगा।
2016 में प्लेटफार्म नंबर 1 से लिए गए पानी सैम्पल हो गए थे फेल
अफसरों की भी जानकारी में, पर समस्या हल करने कुछ नहीं करते
इन्फेक्शन का रहता है खतरा
बनारस यात्रा कर रहें संदीप चटर्जी ने बताया कि प्लेटफार्म का पानी दुर्गंधयुक्त है। ऐसे पानी से कपड़े भी नहीं धो सकते हैं। इस पानी से तो इन्फेक्शन का डर है। वही कालोनी निवासी एक रेलवे कर्मचारी ने बताया है कि कालोनी की हालत बदतर है, यहां पर पीने को शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है। जो पानी रेलवे द्वारा सप्लाई किया जा रहा है, उससे इंफेक्शन का खतरा हैं। एक कर्मचारी की प|ी ने बताया कि गंदे पानी की समस्या नई नहीं हैं। यह पिछले कई समय से चली आ रही है। हमने तो पहले ही आरअो लगा लिया था, लेकिन पानी में कीड़े और मिट्टी मिली होंगी तो आरअो क्या करेगा। रेलवे कॉलोनी में यहां निवासरत परिवारों को वर्तमान में रेलवे गंदगी और काई युक्त पानी फिल्टर कर पिला रही है।
नाले का पानी कुएं में भरते हैं
रेलवे जिस नाले से पानी सप्लाई कर रहा है, जब भास्कर ने उसे देखा। पानी में काई जमी हुई है। बहती गंदगी को एक कुएं में एकत्र कर वहां से पानी को फिल्टर तक पहंुचाया जा रहा है। फिल्टर पर नजर गई तो वह भी गंदगी से पटा पड़ा था। जिसका पानी बेहद दूषित काई से ढंका हुआ है, जिसे ग्रीन वॉटर कहा जा सकता है। इसका पानी रेलवे कॉलोनी सहित प्लेटफार्म में सप्लाई हो रहा है। पानी से बदबू भी आ रही थी। पानी कपड़े धाेने लायक भी नहीं है।