मुख्यमंत्री डाॅ.रमन सिंह पहली बार चिरमिरी में रात्रि विश्राम करेंगे। इससे पहले वे प्रदेश व्यापी विकास यात्रा के प्रथम चरण में शुक्रवार को जिले के प्रवेश द्वार खड़गवां दुबछोला के रास्ते चिरमिरी पहंुचेंगे और लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में आम सभा को संबोधित करेंगे। स्थानीय नागरीकों की मांग है कि अगर सीएम चिरमिरी को पूर्ण तहसील का दर्जा देते हंै, तो उनके आना सार्थक होगा। निर्माण कार्याें का शिलान्यास और भूमिपूजन हर साल चुनाव से पहले करते हंै।
विकास यात्रा में चिरमिरी और खड़ंगवां में 271.74 करोड़ के निर्माण कार्यो का शिलान्यास व 315.07 करोड़ के निर्माण का लोकार्पण करेंगे। चिरमिरी से लगातार हो रहे पलायन को रोकने और उनके चुनाव के दौरान चिरमिरी क्षेत्र को एजुकेशन हब और टूरिज्म हब बनाने की बात कही थी। इसे लेकर क्षेत्र के लेागों को काफी उम्मीदें हंै। जिससे क्षेत्रवासी काफी अाश्वस्थ हैं कि जिन समस्याओं एवं क्षेत्र की विकास को भाषणों के माध्यम कहकर लोगों को चुनाव के दौरान लुभाया था। उन्हें अमलीजामा पहनाने कुछ पहल करेंगे। सीएम के कार्यक्रम से पहले गुरुवार को मंत्री राजेष मूणत ने चिरमिरी पहंुच कर स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल के साथ तैयारियों का जायजा लिया। कमियों को दूर कर विकास कार्य की गति में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
चिरमिरी को कंेद्र बनाकर पर्यटन क्षेत्र में हो विकास
क्षेत्रवासियों की मांग पर चिरमिरी को पर्यटन के क्षेत्र में विकास की प्लानिंग और इसे पर्याटन मंडल में शामिल करने की घोषणा करें। रोपवे निर्माण के साथ चिरमिरी में स्थलों का चयन कर उन्हें पर्यटन के रूप में डेवलप किया जा सकता है। चिरमिरी के आसपास कुछ ही किलोमीटर के भीतर कई प्रसिद्ध पर्यटन और दर्शनीय स्थल, गोदरीपारा का गुफा मंदिर जिसे गोरख नाथ मंदिर जाता है व अन्य हैं।
क्षेत्र की जनता को सीएम से बहुत उम्मीदें
सितंबर 2013 में चिरमिरी पहंुचे सीएम ने चिरमिरी को तहसील का दर्जा देने की घोषणा की थी लेकिन अब तक चिरमिरी शहर को तहसील का दर्जा नहीं मिला। क्षेत्र के समाजिक और राजनितिक संगठनों ने लगातार चिरमिरी को तहसील का दर्जा देने की मांग करते रहे है। विधानसभा सत्र के दौरान कई संगठनों ने इस मांग को मजबूती से उठाया भी था। इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ।