3 वर्ष से 9 किमी अधूरी सड़क जल्द बनेगी
भास्कर संवाददाता| बैकुंठपुर
जिला मुख्यालय और चिरमिरी के बीच की दूरी कम करने 9 करोड़ की लागत से अमरपुर लक्ष्मनझरिया होते बैकुंठपुर-चिरमिरी के बीच बन रही सड़क का काम बीते साढ़े तीन साल से वन विभाग से अनुमति नहीं मिलने के अधूरा है। खस्ताहाल और बड़े-बड़े गडढों के कारण आए दिन वाहन चालक दुर्घटना के शिकार हो रहे हंै। वहीं हर साल 50 फीसदी की दर से सड़क निर्माण की लागत भी बढ़ती जा रही है। सड़क निर्माण में पीडब्लूडी की बड़ी लापरवाही यह सामने आ रही है कि टेंडर निकालने के बाद फाॅरेस्ट से अनुमति के लिए प्रकरण भेजा गया। बैकुंठपुर से चिरमिरी सड़क निर्माण का काम शुरू करने के बाद वन विभाग में अनुमति के लिए पीडब्लूडी ने प्रकरण फाॅरेस्ट को भेजा। पौधरोपण के लिए भूमि नहीं मिलने के कारण ही सड़क निर्माण का काम रुका हुआ है। इस दौरान दो पीडब्लूडी मुख्य कार्यपालन अभियंता और दो एसडीओ बदल गए। इसके साथ ही तीन डीएफओ भी बदल गए हैं, लेकिन सड़क पूरी करने नए अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। बैकुुंठपुर-चिरमिरी से होते हुए चिरमिरी पहंुच सड़क वन विभाग से अनुमति नहीं मिलने के कारण अधूरी पड़ी है। जानकारी के अनुसार सड़क निर्माण के लिए 10 मीटर चौड़ाई की मंजूरी चाहिए, जबकि वन विभाग के द्वारा 6 मीटर की अनुमति दी जा रही है। इधर लोगों की परेशानी कम तब तक नहीं होगी जब तक अनुमति नहीं दे देती। यहां पीडब्लूडी अधिकारी नहीं बता पा रहे हंै लेकिन इस बीच फाॅरेस्ट विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को वन, राजस्व और पीडब्लू विभाग के अधिकारी स्थल निरीक्षण करने पहंुचे थे। रेंजर अखिलेष मिश्रा ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए जितने पेड़ कटंेगे। उससे दोगुना पौधरोपण करना होगा। उसके लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। पौधरोपण के लिए भूमि का नहीं मिलने के कारण सड़क के काम में लेटलतीफी हो रही थी। पीडब्लूडी विभाग ने इस मामले में अनुमति को लिए कलेक्टोरेट मंे प्रकरण दिया। कलेक्टर नरेंद्र दुग्गा के निर्देश के बाद हल निकाल लिया गया है। जल्द ही काम शुरू होगा।
बैकुंठपुर-चिरमिरी की सड़क वन विभाग की अनुमति नहीं मिलने से अब तक है अधूरी