विपक्ष के लोग स्वरोजगार को भीक्षा के श्रेणी में समझते है। लेकिन मैं कहता हु कि स्वरोजगार के माध्यम से पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति नौकरी पेशा करने व्यक्ति से अधिक अच्छी होती है। 48 सालों में बेरोजगार युवकों के हाथों में हुनर पैदा किया होता तो चिरमिरी के युवा आज अपने हुनर के माध्यम से अपना स्वरोजगार स्थापित कर चिरमिरी में ही निवास करते। ये बातें वेस्ट चिरमिरी पुराने आईटीआई भवन में लाईवलीहुड काॅलेज के शुभारंभ अवसर पर विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने कही। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से चाईना में छोटे छोटे प्रोडक्ट तैयार कर एक स्थान पर उसे प्रतिरुप कर बड़ा सामान बनाया जाता है, वैसे ही मेरी भी इच्छा है कि इस क्षेत्र के युवा छोटे छोटे उपकरणों का निर्माण करें, इस लाईवलीहुड के माध्यम से अपने स्व-रोजगार के माध्यम से परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करें। कहा कि जैसे घर के अंदर टाईल्स मार्बल लगाना है, उसके लिए कोई चिरमिरी में कोई भी कारीगर उपलब्ध नहीं है। एक है भी जिसके पास महानगरों के अलावा चिरमिरी के लिए या ग्रामीण क्षेत्र केे लिए महिनो पूर्व उसको बुक करना पड़ता है। ऐसे ही मोटर वाईंडिंग के लिए हमें और एसईसीएल को दूसरे शहरों की तरफ जाकर मोटर वाईंडिंग करानी पड़ती है, जिसके कारण समय और आर्थिक दोनों ही बर्बादी होती है। आज इसी लाईवलीहुड के माध्यम से 90 दिन के प्रषिक्षण कार्य से हमारे क्षेत्र के युवा युवती अपने हाथों में हुनर लेकर निकलेंगे, राज्य और केंद्र सरकार कई योजनाआंे के माध्यम से स्व-रोजगार स्थापित करने हेतू कुछ ही प्रतिशत पर लोन आसानी से उपलब्ध करा रही है।
कलेक्टर नरेंद्र कुमार दुग्गा ने कहा कि कोरिया जिला एकमात्र ऐसा जिला है जहां चिरमिरी में भी लाईवलीहुड काॅलेज की स्थापना की गई है, मैं काॅलेज के संचालकों से कहना चाहुंगा कि इस काॅलेज का नाम भिलाई की तर्ज पर पूरे देश और प्रदेश में रोशन हो। ऐसे प्रषिक्षार्थियों को हुनर सिखाएं जो क्षेत्र के साथ साथ देश प्रदेश में भी अपने हुनर के माध्यम से नाम रोशन करें। शुभारंभ में क्षेत्र की आवश्यकताओं को देखते हुए उन ट्रेडोें को संचालित किया जाएगा। विधायक के सुझाव पर मोटर वाईडिंग की भी ट्रेड इसमें संचालित की जाएगी, इसी प्रकार मार्बल टाईल्स का ट्रेड पहले से ही संचालित करने का प्रावधान था, हम ऐसे युवा युवतियांे को मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत हुनर पैदा करेंगे।