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वैदिक मंत्रोच्चार व विश्व कल्याण की मंगल कामना के साथ जगह-जगह मना भगवान परशुराम का जन्मोत्सव

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता| मनेंद्रगढ़

हिंदू धर्म ग्रंथों में कुछ महापुरुषों का वर्णन है जिन्हें आज भी अमर माना जाता है। इन्हें अष्ट चिरंजीवी भी कहा जाता है। इनमें से एक भगवान विष्णु के आवेशावतार परशुराम भी हैं। हमें गर्व है कि आज ऐसे विप्र कुलभूषण का जन्म महोत्सव मना रहे हैं।

यह बात परशुराम जन्म महोत्सव पर आयोजित धर्म सभा को संबोधित करते हुये सर्व ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष राजेश शर्मा ने कही। सर्व ब्राह्मण समाज के तत्वावधान में परशुराम के जन्मोत्सव अक्षय तृतीया के पूर्व नगर में विशाल शोभायात्रा का आयोजन किया गया। राम मंदिर से शोभायात्रा नगर के प्रमुख चौक चौराहों से होते हुए जायसवाल कॉम्प्लेक्स पहुंची। वैदिक मंत्रोच्चार व विश्व कल्याण की मंगल कामना के साथ सर्वप्रथम भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना की गई। हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को इनकी जयंती मनाई जाती है। धर्म ग्रंथों के अनुसार इसी दिन भगवान विष्णु के आवेशावतार परशुराम का जन्म हुआ था। समाज के कई प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। साज की गोपी मिश्रा को उनके डिवाइस के लिए, सर्वेश तिवारी को क्रिकेट टीम में चयन के लिए, सतीश द्विवेदी को पर्यावरण संचेतना अौर कृष्णा द्विवेदी के ग्रुप को बेहतरीन नृत्य के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अधिवक्ता आरपी गौतम, दिनेश्वर मिश्रा, कृष्णमुरारी तिवारी, विजयनारायण पाठक, राजकुमार पांडेय समेत ब्राह्मण समाज के महिलाएं पुरुष समेत अन्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

समाज के कई प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को किया गया सम्मानित

भगवान परशुराम के जन्मोत्सव पर नगर में निकाली गई शोभायात्रा। यात्रा में शामिल महिलाएं।

ब्राह्मण कुल हमेशा से ही शस्त्र और शास्त्र में पारंगत रहा है

भास्कर संवाददाता| चिरमिरी

परशुराम जन्मोत्सव पर सर्व ब्राम्हण समाज चिरमिरी ने विधि विधान से पूजा-अर्चना के पश्चात सरस्वती शिशु मंदिर उमा विद्यालय हल्दीबाड़ी से हर्षोल्लास के साथ शोभायात्रा निकाल कर मनाया । शोभायात्रा हल्दीबाड़ी होते हुए डोमनहिल में पहंुची, जहां पर अन्य समाज के लोगों के द्वारा शोभायात्रा का स्वागत फूल वर्षा से किया गया। गोदरीपारा, बड़ा बाजार, छोटा बाजार आदि क्षेत्रों में भी विभिन्न समाज के वर्गो द्वारा हर्षोल्लास से शोभायात्रा का स्वागत किया गया। विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि ब्राम्हण कुल हमेशा से ही शस्त्र और शास्त्र में पारंगत रहा है। जिस समय पर ज्ञान की आवश्यकता पड़ी है, उस समय हमारे मनीषयों के द्वारा वेदों का लेखन कर समाज के अन्य वर्गों को मार्ग दर्शक करते हुए पथ प्रदर्शक रहे हंै। पूर्व विधायक दीपक पटेल ने कहा कि आप सभी ऐसे भगवान के वंशज है, जो कि आज भी महेंद्र पर्वत पर जीवित हंै, उनके द्वारा बताए गए मार्ग पर सभी समाज के लोगों के द्वारा अनुशरण किया जाता है। ब्राम्हण उन्हीं के वंशज माने जाते हैं। जिस प्रकार त्रेतायुग युग में सभी शांती प्रिय समाज में रहकर निवास करते थे, आज भी इस कलयुग में केवल उनके मार्गों का अनुशरण करने से आ सकता है। किसान मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष लखनलाल श्रीवास्तव ने कहा कि जिस प्रकार से परशुराम जी ने समय समय पर शस्त्र और शास्त्र का समाज हित में उपयोग किया गया था। आज समय की मांग है कि सभी विप्र बंधु मातृ शक्ति शस्त्र और शास्त्र का समय के साथ-साथ समाज हित में परशुराम जी के बताए हुए मार्ग पर चलकर समाज कल्याण के लिए कार्य करना होगा, तभी हमारे समाज में पैदा हुई विध्वंशकारी शक्तियों से निपटा जा सकता है। काग्रेंस चिकित्सा प्रकोष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष डाॅ. विनय जायसवाल ने कहा कि मेरी समझ के अनुसार शायद ब्राम्हण कोई जाति नहीं होती।

ब्राह्मण से सीख लेनी चाहिए: ब्राम्हण् एक जीवन शैली है, जो हम सभी समाज के लोगों को उनकी जीवन शैली से सीखना चाहिए। ब्राम्हण् के द्वारा कभी भी धन की लालसा न रखते हुए हमेशा अपने ज्ञान से सभी समाज कल्याण किया है। इस दौरान भाजपा जिला महामंत्री रामेश्वर पाण्डेय, भाजयुमो संजय सिंह, प्रकाश तिवारी, डाॅ. भागवत प्रसाद दूबे, अश्विनी मिश्रा, डाॅ. डीके उपाध्याय, अध्यक्ष हरिकांत अग्निहोत्री, राजेश महाराज समेत अन्य शाामिल रहे।

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