भास्कर संवाददाता | चित्तौड़गढ़
जिला कारागृह में निरुद्ध महिला बंदियों तथा उनके साथ निवासरत उनके बच्चों के लिए विधिक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत टीम के सदस्य जे डीएसपी गोविंदसिंह ने जेल में महिला बंदियों तथा उनके साथ निवासरत बच्चों की समस्याओं की जानकारी ली।
महिला बंदियों कोई समस्या नहीं होना बताया। कौशल विकास संस्थान के सदस्य प्रदीप चौधरी, नीलम चौधरी, हेमलता शर्मा तथा अर्चना शर्मा ने जेल में निरुद्ध महिला बंदियों को मेहंदी लगाने का प्रशिक्षण दिया। उक्त संस्थान के सदस्य सात दिन तक संस्थान के सौजन्य से जेल में निरुद्ध महिला बंदियों को मेहंदी लगाए जाने का प्रशिक्षण देंगे। इसके बाद उक्त संस्थान के अन्य सदस्यों के द्वारा इस कारागृह के महिला एवं पुरुष बंदियों के जीविकोपार्जन के लिए विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाना भी प्रस्तावित है, ताकि बंदीजन जेल से निकलने के पश्चात पुनः जीविकोपार्जन कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। जेल उपाधीक्षक गोविंदसिंह ने आभार जताया। शनिवार को विशेष टीम की सदस्य महिला चिकित्सक दीप्ति चित्रा जेल पर विजिट कर गर्भवती महिलाओं की जांच एवं उपचार करेंगी।
जिला कारागृह में महिला बंदियों को सिखाई जा रही है मेहंदी लगाने की विधि