भास्कर संवाददाता | चित्तौड़गढ़
गंगरार के तत्कालीन सरपंच सोहनलाल बालोटिया द्वारा स्वयं सहित अपने परिवार के लोगों को नियम विपरीत ढंग से भूखंड बांट देने को लेकर एसीबी में मामला दर्ज हुआ है। हालांकि सरपंच बालोटिया की मृत्यु हो चुकी है।
एएसपी चिरंजीलाल मीणा ने बताया कि गंगरार में 1999 से 2004 तक सोहनलाल बालोटिया सरपंच थे। एसीबी में 2015 में परिवाद दर्ज हुआ था कि बालोटिया के सरपंच रहते हुए उनके पुत्र गुणवंत, सुरेश, राधेश्याम व बाबूलाल सहित परिवार की सुमित्रा, निर्मला प|ी बाबूलाल, शांति प|ी सुरेशचंद्र, दिलीप पुत्र रमेशचंद, चंद्रशेखर पुत्र रमेशचंद, स्वयं सरपंच सोहनलाल पुत्र रामनारायण के नाम पर पंचायत क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर केवल पट्टा और सामान्य शुल्क जमा कराकर कुल एक लाख दस हजार 315 वर्ग फीट जमीन के पट्टे जारी कर दिए गए। यह जमीन भी हाइवे से सटी होने से बेशकीमती है। पट्टे में बतौर सरपंच स्वयं सोहनलाल के हस्ताक्षर थे। कुछ पट्टों में सचिव के हस्ताक्षर नहीं है तो कुछ में सचिव के फर्जी हस्ताक्षर भी थे। एएसपी मीणा ने बताया कि परिवाद की जांच एसीबी के सीआई जयमलसिंह ने की थी। जांच के बाद एसीबी ने राजकोष को नुकसान पहुंचाने और पद का दुरुपयोग करने का मामला मानते हुए तत्कालीन सरपंच सोहनलाल बालोटिया के अलावा गंगरार पंस के बीडीओ वीरेंद्र चौरे, सचिव राजेंद्रसिंह पूरावत, शंभूलाल वैष्णव सहित इन सभी लाभार्थियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। उल्लेखनीय है कि सरपंच सोहनलाल बालोटिया का करीब पांच साल पूर्व निधन हो चुका है।