चित्तौड़गढ़ | जिले के गंगरार क्षेत्र में लावारिस मिले एक 12 वर्षीय बालक को गंगरार पुलिस ने बाल कल्याण समिति को सौंपा। समिति ने बताया कि बालक कभी स्कूल नहीं गया। अब उसे शनिवार से ही आंगनवाड़ी में भेजेंगे।
बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष डा. सुशीला लढा ने बताया कि चित्तौड़गढ़-भीलवाड़ा फोरलेन पर गंगरार टोल के पास लावारिस भटक रहे एक 12 वर्षीय बालक को गंगरार पुलिस थाना के हेड कांस्टेबल निहालसिंह मीणा व कांस्टेबल हिम्मत शुक्रवार को बाल कल्याण समिति लेकर पहुंचे। बालक ने अपना नाम साडास निवासी 12 वर्षीय राकेश पुत्र माधू भील व माता का नाम रेखा भील बताते हुए बताया कि बुधवार को उसके माता-पिता छोटे भाई को लेकर घर से कही चले गए। उन्हें ढूंढने वह भी घर से निकला और टोल नाके तक पहुंच गया। टोल पर लावारिश घूमते देख टोल पर मूंगफली बेचने वाले भेरुदास ने पुलिस को सूचना दी। समिति के सदस्य अरविंद पुरोहित, सुमित्रा साहू, एडवोकेट कालूराम सुथार ने कार्रवाई का प्रारुप तैयार किया। बालक से परिधि भटनागर ने काउंसलिंग की।
राकेश ने बताया कि वह कभी स्कूल नहीं गया और पढ़ना चाहता है। इस पर समिति ने उसे हाथोंहाथ स्कूल बेग व अन्य सामग्री उपलब्ध करवाते शनिवार से पास की आंगनवाड़ी में भेजने का निर्णय लिया। स्कूल खुलने के बाद उसे गाडिया लोहार स्कूल में दाखिला दिलाया जाएगा। इधर, पुलिस व समिति अब बालक के परिजनों का पता लगा रही है।
चित्तौड़गढ़ | जिले के गंगरार क्षेत्र में लावारिस मिले एक 12 वर्षीय बालक को गंगरार पुलिस ने बाल कल्याण समिति को सौंपा। समिति ने बताया कि बालक कभी स्कूल नहीं गया। अब उसे शनिवार से ही आंगनवाड़ी में भेजेंगे।
बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष डा. सुशीला लढा ने बताया कि चित्तौड़गढ़-भीलवाड़ा फोरलेन पर गंगरार टोल के पास लावारिस भटक रहे एक 12 वर्षीय बालक को गंगरार पुलिस थाना के हेड कांस्टेबल निहालसिंह मीणा व कांस्टेबल हिम्मत शुक्रवार को बाल कल्याण समिति लेकर पहुंचे। बालक ने अपना नाम साडास निवासी 12 वर्षीय राकेश पुत्र माधू भील व माता का नाम रेखा भील बताते हुए बताया कि बुधवार को उसके माता-पिता छोटे भाई को लेकर घर से कही चले गए। उन्हें ढूंढने वह भी घर से निकला और टोल नाके तक पहुंच गया। टोल पर लावारिश घूमते देख टोल पर मूंगफली बेचने वाले भेरुदास ने पुलिस को सूचना दी। समिति के सदस्य अरविंद पुरोहित, सुमित्रा साहू, एडवोकेट कालूराम सुथार ने कार्रवाई का प्रारुप तैयार किया। बालक से परिधि भटनागर ने काउंसलिंग की।
राकेश ने बताया कि वह कभी स्कूल नहीं गया और पढ़ना चाहता है। इस पर समिति ने उसे हाथोंहाथ स्कूल बेग व अन्य सामग्री उपलब्ध करवाते शनिवार से पास की आंगनवाड़ी में भेजने का निर्णय लिया। स्कूल खुलने के बाद उसे गाडिया लोहार स्कूल में दाखिला दिलाया जाएगा। इधर, पुलिस व समिति अब बालक के परिजनों का पता लगा रही है।