भास्कर संवाददाता| चित्तौड़गढ़
शहर में गुरुवार को दो जगह कई साल पुराने हरे पेड़ काट दिए गए। क्षेत्रवासियों ने इसका विरोध किया तो बताया गया कि एक जगह नगरपरिषद व दूसरी जगह तहसीलदार की अनुमति से पेड़ काटे गए हैं। इस पर लोगों ने परिषद के प्रति भी रोष जताया। उधर, परिषद के सभापति का कहना है कि सड़क चौड़ी करने के लिए पेड़ काटे गए हैं। मामला थाने तक पहुंचने पर पुलिस ने जांच शुरू की है।
उपनगरीय क्षेत्र सेगवा हाउसिंग बोर्ड निवासी मनोज मेवानी ने इस मामले में सदर थाने में रिपोर्ट देकर बताया कि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में पानी की टंकी के पास पार्क में कुछ लोगों ने गुरुवार शाम कई साल पुराने हरे पेड़ कटवा दिए और कचरा सड़क पर डाल दिया। रिपोर्ट में इसके लिए दो लोगों पर शामिल होने का आरोप भी है। इधर, पार्षद गोविंद शर्मा से पूछा गया तो उन्होंने इसकी जानकारी नहीं होने की बात कही। क्षेत्र के हितेंद्र आसवानी व अरविंदसिंह कानावत आदि ने हरे पेड़ काटने पर गहरा रोष जताया। इसी तरह गांधीनगर सेक्टर पांच त्रिपोलिया चौराहा पर भी गुरुवार सुबह सात हरे पेड़ काट दिए गए। क्षेत्रवासियों के विरोध करने पर पेड़ काटने वालों ने बताया कि उन्होंने तहसील कार्यालय से स्वीकृति लेकर पेड़ काटे हैं। भास्कर ने इस मामले में संबंधित अधिकारियों से पूछा तो वे कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए। डीएफओ एसपी सिंह ने बताया कि शहरी क्षेत्र में पेड़ काटने की स्वीकृति तहसीलदार या फिर एसडीएम देते हैं। वन विभाग तो सिर्फ वन क्षेत्र में ही अनुमति दे सकता है। दूसरी ओर तहसीलदार मोहनसिंह राजावत ने कहा कि उन्हें पेड़ काटने के बारे में जानकारी ही नहीं है। इधर, सदर थाना एएसआई मुरलीदास वैष्णव ने बताया कि सेगवा हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में पेड़ काटने की रिपोर्ट पर जांच की जा रही है। संबंधित ठेकेदार को बुलाया गया है।
भास्कर संवाददाता| चित्तौड़गढ़
शहर में गुरुवार को दो जगह कई साल पुराने हरे पेड़ काट दिए गए। क्षेत्रवासियों ने इसका विरोध किया तो बताया गया कि एक जगह नगरपरिषद व दूसरी जगह तहसीलदार की अनुमति से पेड़ काटे गए हैं। इस पर लोगों ने परिषद के प्रति भी रोष जताया। उधर, परिषद के सभापति का कहना है कि सड़क चौड़ी करने के लिए पेड़ काटे गए हैं। मामला थाने तक पहुंचने पर पुलिस ने जांच शुरू की है।
उपनगरीय क्षेत्र सेगवा हाउसिंग बोर्ड निवासी मनोज मेवानी ने इस मामले में सदर थाने में रिपोर्ट देकर बताया कि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में पानी की टंकी के पास पार्क में कुछ लोगों ने गुरुवार शाम कई साल पुराने हरे पेड़ कटवा दिए और कचरा सड़क पर डाल दिया। रिपोर्ट में इसके लिए दो लोगों पर शामिल होने का आरोप भी है। इधर, पार्षद गोविंद शर्मा से पूछा गया तो उन्होंने इसकी जानकारी नहीं होने की बात कही। क्षेत्र के हितेंद्र आसवानी व अरविंदसिंह कानावत आदि ने हरे पेड़ काटने पर गहरा रोष जताया। इसी तरह गांधीनगर सेक्टर पांच त्रिपोलिया चौराहा पर भी गुरुवार सुबह सात हरे पेड़ काट दिए गए। क्षेत्रवासियों के विरोध करने पर पेड़ काटने वालों ने बताया कि उन्होंने तहसील कार्यालय से स्वीकृति लेकर पेड़ काटे हैं। भास्कर ने इस मामले में संबंधित अधिकारियों से पूछा तो वे कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए। डीएफओ एसपी सिंह ने बताया कि शहरी क्षेत्र में पेड़ काटने की स्वीकृति तहसीलदार या फिर एसडीएम देते हैं। वन विभाग तो सिर्फ वन क्षेत्र में ही अनुमति दे सकता है। दूसरी ओर तहसीलदार मोहनसिंह राजावत ने कहा कि उन्हें पेड़ काटने के बारे में जानकारी ही नहीं है। इधर, सदर थाना एएसआई मुरलीदास वैष्णव ने बताया कि सेगवा हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में पेड़ काटने की रिपोर्ट पर जांच की जा रही है। संबंधित ठेकेदार को बुलाया गया है।
सड़क चाेड़ी करने को बोले सभापति
सेगवा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पार्क में पेड़ नहीं, टहनियां काटी होंगी। गांधीनगर त्रिपोलिया चौराहा क्षेत्र में जरूर सड़क चौड़ी करने के लिए पेड़ काटे गए हैं। नगरपरिषद हमेशा शहर में पर्यावरण क्षेत्र को बढावा देने में आगे रही है। - सुशील शर्मा-सभापति नगरपरिषद चित्तौड़गढ़