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41 घंटे का सफर 59 घंटे में पूरा, दिल्ली के बाद ट्रेन में पानी खत्म...मरीजों की हालत बिगड़ी, उल्टी से बदबू मारने लगा कोच

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | चित्तौड़गढ़

बिहार को मेवाड़ से जोड़ने वाली न्यू जलपाई गुड़ी ट्रेन बुधवार को तय समय से करीब 18 घंटे बाद चित्तौड़गढ़ पहुंची। इससे उसमें सवार हजारों यात्री परेशान हो गए। कारण, एक तो प्रचंड गर्मी में भूख-प्यास से व्याकुल। दूसरा ट्रेन के टायलेट व वास वेसन में लगे नल तक जवाब दे गए। कहीं कोई चेकिंग नहीं होने से स्लीपर कोच भी जनरल बन गए। एक महिला यात्री ने तो यह तक कहा कि सफर में अव्यवस्थाओं से एकबारगी मन हुआ कि वह ट्रेन से ही कूद जाए। चित्तौड़गढ़ स्टेशन पर आधा घंटा ठहराव के दौरान भास्कर टीम ने यात्रियों से बात की।

बिहार से उदयपुर तक कुल 2023 किमी का सफर तय करने वाली न्यू जलपाईगुडी- उदयपुर ट्रेन 18 घंटे लेट शाम 7 बजकर 10 मिनट पर चित्तौड़गढ़ पहुंची। असल में यह ट्रेन पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुडी से ही 6 घंटे विलंब से चली। लखनऊ तक ही 14 घंटे की देरी हो गई। चित्तौड़गढ़ तक 41 घंटे लगने चाहिए थे, लेकिन 59 घंटे लग गए। यहां स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर ठहराव के दौरान 24 कोच की इस ट्रेन की ऐसी कोई बोगी नहीं थी, जिसमें सवार यात्री सफर में आई परेशानी को बयां करने से चूके हो। यहां आधे घंटा का ठहराव होने से यात्री चाय-नाश्ता, ठंडा पेय व भोजन आदि लेने में जुट गए। यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी पानी खत्म होने और भोजन नहीं मिलने से हुई।

भास्कर लाइव...

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चित्तौड़गढ़. न्यू जलपाईगुड़ी के रिजर्वेशन कोच में यात्री जो परेशान हुए। (दाएं) लंबा सफर करके आए यात्री जिनके साथ घायल बच्चा था। इसकी दवाइयां खत्म हो गईं।

छोटे मरीज बच्चे हुए परेशान ...

ट्रेन में पानी तक खत्म हो गया। कोच में लगे नल में यात्री ने बताया कि दिल्ली के बाद पानी खत्म हो गया।

गर्मी में हजारों यात्री भूख-प्यास से परेशान, स्टेशन पर कोई अधिकारी देर का कारण बताने वाला नहीं

यात्री अश्विनचंद ठेठ बिहार से पुत्र का उपचार कराने के लिए उदयपुर आ रहे थे। उन्होंने कहा कि एक तो ट्रेन में सफाई का अभाव रहा। बदबू से परेशान हो उठे। कटियार की अंजू ने कहा कि वह भी परसो शाम सात बजे अपनी पुत्री को लेकर ट्रेन में बैठी। जिसे उदयपुर अस्पताल दिखाने ले जा रही है। ट्रेन में दिल्ली में ही पानी खत्म हो गया था। खुशीनगर की गायत्रीदेवी ने कहा कि दो रात और एक दिन का लंबा सफर कैसे पूरा किया। बता नहीं सकते। अजेयकुमार , राकेश साहनी ने कहा कि ट्रेन में दिल्ली में ही पानी खत्म हो गया। किसी भी बोगी में पानी नहीं था। चित्तौड़गढ़ के सेंती निवासी प्रेमकिशोरसिंह ने कहा कि जगह-जगह इस ट्रेन को रोक कर दूसरी ट्रेन को पहले निकाला जा रहा था।

यहां भी दाे बार बदलना पड़ा प्लेटफार्म ... न्यू जलपाईगुडी ट्रेन को पहले चित्तौड़गढ़ में प्लेटफार्म नंबर एक पर लिया जाना था। इस बीच स्टेशन प्रबंधन को पता चला कि शाम साढ़े छह से पौने आठ बजे तक तीन-चार ट्रेनों का आगमन है। चेतक एक्सप्रेस को प्लेटफार्म एक पर, इंटरसिटी को प्लेटफार्म नंबर दो व न्यू जलपाई गुडी ट्रेन को प्लेटफार्म नंबर चार पर लिया जाने लगा। इसी बीच न्यू जलपाई गुडी ट्रेन का इंजन बदलने के कारण उसे प्लेटफार्म नंबर पांच पर लिया गया। इसकी घोषणा के बाद वहां बंद पड़ी केंटीन खोलने की मशक्कत शुरू हो गई।

टीटी पर गुस्सा किया तो भी नहीं बदले हालात ... एक यात्री मार्केटिंग मैनेजर गोविंद मोलिक ने कहा कि ट्रेन में सुबह से यात्री पानी की कमी को लेकर परेशान हो उठे। सुबह टीटी को कहा तो कुछ जवाब नहीं दिया। बाद में कहा कि जयपुर में व्यवस्था हो जाएगी, लेकिन चित्तौड़गढ़ तक नहीं हुई। टायलेट में पानी नहीं रहा तो आप ही समझिये कि हमने कैसे परिस्थिति बर्दाश्त की होगी। समस्तीपुर के रोहितकुमार, अर्जुन ने कहा कि चेकिंग के अभाव में स्लीपर कोच भी जनरल कोच बन गए कि कुछ चेकिंग ही नहीं हुई।

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डिब्बे में चार्जिंंग की सुविधा नहीं, परिजनों को सूचना तक नहीं दे सके ... छपरा जंक्शन से उदयपुर जा रहे अर्जुन ने बताया कि मेरे डिब्बे में मोबाइल चार्जिंग की सुविधा भी नहीं थी। खाने-पीने की चीजों के दुगने दाम वसूल किए जा रहे थे। अलवर से चित्तौड़ के लिए बैठी महिला यात्री तमन्ना ने बताया कि छोटी बच्ची साथ में थी। सबसे अधिक टॉयलेट की प्राॅब्लम हुई।

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