चित्तौड़गढ़ | जिला कारागृह में राजस्थान विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार जेल में निरुद्ध महिला बंदियों तथा उनके बच्चों के लिए विधिक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से एक विशेष टीम गठन किया गया, जिसके द्वारा 17 मई से 26 मई तक चलने वाले विशेष अभियान का शुभारंभ किया। जिला विधिक प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव महेंद्रसिंह सोलंकी की अध्यक्षता में सदस्य व जेल डीएसपी गोविंदसिंह, महिला चिकित्सक डा. दीप्ति चित्रा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक ओमप्रकाश तोषनीवाल, एडीईओ माध्यमिक शांतिलाल सुथार, एडीईओ प्रारंभिक नंदलाल कुम्हार, आसरा विकास संस्थान की शकीरा बानू, पेनल अधिवक्ता सीमा भारती गोस्वामी की उपस्थिति में जेल में निरुद्ध महिला बंदियों के साथ बैठक की। जिसमें सदस्यों ने महिला बंदियों को राज्य सरकार की योजनाओं एवं उनके उद्देश्यों की जानकारी दी गई। जेल डीएसपी गोविंदसिंह ने आभार जताया। टीम ने जेल में स्थित महिला बंदियों के बैरक का विजिट कर महिलाओं तथा उनके साथ निवासरत बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, समस्याओं की जानकारी ली। महिला बंदियों को विधिक जानकारी दी गई।
दस दिन तक प्रत्येक दिन टीम करेगी जेल में विजिट: टीम दस दिन जेल में विजिट करेगी। बंदियों को विधिक जानकारी देकर समस्याओं के समाधान के प्रयास करेगी। 18 मई को टीम सदस्य जेल उपाधीक्षक गोविंदसिंह से मिलकर महिला बंदियों एवं उनके साथ निवासरत बच्चों की समस्याओं के बारे में बात करेंगे। टीम सदस्य पीएलवी दीपक राजोरा, रुचिका सोमानी, अभिषेक कोठारी ने गुरुवार को जिला कारागृह में महिला बंदियों तथा उनके बच्चों से रूबरू होकर उनकी समस्याएं सुनीं।