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शिक्षकों ने वेतन से ‌Rs.2 लाख एकत्रित कर आसावरा स्कूल में फर्नीचर व प्रोजेक्टर लगाया, सेवानिवृत्त अध्यापक ने बनवाया सरस्वती मंदिर

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | चित्तौड़गढ़

सरकारी स्कूलों के हालात भामाशाहों के सहयोग से बदलने लगे हैं, लेकिन आसावरामाता राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों ने खुद भामाशाह बनकर स्कूल के कायाकल्प की शुरुआत की है। वेतन का कुछ हिस्सा निकालकर बच्चों के लिए फर्नीचर सहित कई सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। एक सेवानिवृत्त शिक्षक ने स्कूल में सरस्वती मंदिर भी बनवा दिया।

भदेसर ब्लॉक के इस विद्यालय में प्रधानाचार्य डॉ. गोविंदराम शर्मा के नेतृत्व में शिक्षकों ने अपने वेतन से कुछ हिस्सा निकाला और दो लाख रुपए एकत्र कर स्कूल में 95 स्टूल एवं टेबल, प्रोजेक्टर सहित मरम्मत का कार्य कराया। फिर भामाशाहों से सहयोग लेकर कई सुविधाएं जुटाई, जिसकी लंबे समय से जरूरत थीं। सेवानिवृत्त वरिष्ठ अध्यापक ख्यालीलाल मेनारिया ने स्कूल में सरस्वती मंदिर बनवाया। जन सहभागिता से पौधे मय ट्री गार्ड भी लगवाए, गुलाब की एक फुलवारी भी लगाई। भामाशाहों से 35 हजार रुपए का माइक सेट लगवाया।

हर शिक्षक ने एक विद्यार्थी को गोद लिया, लहर कक्ष भी बनाया

स्कूल की दो कक्षाओं में वर्षों से कबाड़ जमा था। जिसे डीईओ की कमेटी से नीलाम करवा कर उनमें कक्षाएं शुरू की। एक लहर कक्ष बनाया। जिसमें पहली एवं दूसरी के बच्चे चित्रों से पढ़ना सीख रहे हैं। प्रत्येक शिक्षक ने शैक्षणिक सुधार के लिए एक-एक विद्यार्थी गोद भी ले रखा है। शिक्षक प्रतिदिन शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक गांवों में भ्रमण कर शैक्षिक संबल एवं मार्गदर्शन देते हैं। प्रत्येक अमावस्या पर विद्यालय विकास समिति की बैठक होती हैं।

अब

िचत्तौड़गढ़. आवरीमाता में नए लुक में दिख रहा स्कूल। (इनसेट) स्कूल पहले ऐसा था।

पहले

6 माह पहले और अब

पहले : स्कूल समय में विद्यार्थी पलायन कर जाते थे।

अब : यदि किसी को जाना होता है तो रजिस्टर में ठोस कारण लिखकर जाते हैं।

पहले : दसवीं के विद्यार्थी छोटे-छोटे गुणा-भाग एवं अंग्रेजी की पुस्तक नहीं पढ़ पाते थे।

अब : साप्ताहिक टेस्ट होते हैं। कमजोर विद्यार्थियों के लिए अवकाश के दिनों में अतिरिक्त कक्षाएं व कोचिंग।

पहले : विद्यालय भवन के पत्थर उखड़े हुए थे, जर्जर हाल हो चले भवन को मरम्मत की दरकार थी।

अब : पूरे भवन में रंगाई-पुताई, पेंटिंग्स और मरम्मत कराने से तस्वीर बदल गई।

अधिकारी को बनाया पूर्व छात्र परिषद अध्यक्ष... स्कूल में पूर्व छात्र परिषद का गठन कर एडीईईओ माध्यमिक मिठुलाल रैबारी को अध्यक्ष बनाया । संक्रांति पर घर-घर जाकर विद्यालय विकास के लिए चंदा एकत्र किया। इससे Rs.30 हजार में मंच निर्माण एवं एक लाख रुपए से स्कूल में मरम्मत कराई। प्राचार्य डॉ. गोविंदराम शर्मा ने 24 जुलाई 2017 को यहां कार्य ग्रहण करने के दो महीने बाद ही स्टाफ की मीटिंग लेकर स्कूल विकास की शुरुआात की। अक्टूबर से मार्च तक छह महीने में हालात बदलने लगे।

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