चित्तौड़गढ़ | शहर के गांधीनगर रामकुई हनुमान मंदिर में चल रही रामकथा के पांचवें दिन रविवार को अयोध्या के दशरथ महाराज ने राम कथा में भगवान श्री राम के बचपन की जीवनी व शक्ति वर्णन के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम अपने पिता के बचपन से आज्ञाकारी पुत्र थे।
भगवान श्रीराम द्वारा कई राक्षसों का वध करके महर्षियों के यज्ञ को सफल बनाने वाले प्रसंग सहित गौतम ऋषि द्वारा दिये गये श्राप से देवी अहिल्या को भगवान श्रीराम ने उसे श्राप मुक्त कर दिया। भगवान रामजी व लक्ष्मण, जनकपुरी का भ्रमण, जनक किशोरी सीता ने प्रभु श्रीराम के पति रूप में दर्शन, भगवान श्रीराम द्वारा स्वयंवर में धनुष तोड़ कर सीता माता से विवाह आदि प्रसंगों पर श्रोता भाव विभोर हो उठे।