पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • बरात दहलीज पर, हाथाें में मेहंदी रचाए पूजा ने परीक्षा देकर शिक्षा का बताया महत्व

बरात दहलीज पर, हाथाें में मेहंदी रचाए पूजा ने परीक्षा देकर शिक्षा का बताया महत्व

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज | किशनगढ़-रेनवाल

वर्तमान समय में शिक्षा का महत्व किस कदर तक बढ़ चुका है, इसका नजारा बुधवार को शहर में देखने काे मिला। एक दुल्हन जिसकी बरात दरवाजे तक पहुंच चुकी थी, लेकिन उसने परीक्षा को अहमियता देते हुए पहले अपना पेपर दिया बाद में सात फेरे लिए। मलिकपुरा की पूजा यादव की शादी बुधवार को देवलिया (करणसर) के डॉ.राजेश यादव के साथ हुई। मालीराम यादव की 20 वर्षीया पुत्री पूजा हाथों में हल्दी और मेहंदी रचाकर फेरे लेने से पहले शहर के पुरुषोत्तम महाविद्यालय के सेंटर पर परीक्षा देने पहुंची तो यह नजारा देख परीक्षा अध्ययन में छात्राएं सहित परीक्षा वीक्षक भी हैरान रह गए। पूजा ने दोहरी खुशी को समटते हुए मंद मंद मुस्कान के साथ बीए द्वितीय वर्ष का भूगोल का पेपर दिया।

कॉलेज निदेशक सुधीर शर्मा ने बताया कि बीए द्वितीय वर्ष का भूगोल का पेपर अपराह्न 3 से शाम 6 बजे तक था तथा पूजा के फेरे भी गोधूली बेला में थे। एेसे में पूजा परीक्षा के तत्काल बाद अपने घर पहुंची और दुल्हन बन कर सात फेरे लिए। इसके लिए परिजनों ने गाड़ी की व्यवस्था भी कर रखी थी। पूजा ने शिक्षा के अहमियता के बारे में बताया कि वह पढ़ लिखकर कुछ बनना चाहती है। इस कारण वह पेपर देने आई है। आने-जाने में कुछ देरी जरूर होगी, लेकिन यदि परीक्षा पेपर नहीं देती तो साल खराब हो जाता। पूजा ने बताया कि वह गुरुवार को भी हिन्दी साहित्य का पेपर देने अाएगी। पूजा बधाल के एक निजी महाविद्यालय की नियमित छात्रा है, जिसका परीक्षा सेंटर रेनवाल आया है। दो भाइयों के बीच इकलौती बहन पूजा के पिता मध्यप्रदेश में एक प्राइवेट कंपनी में कार्य करते हैं। पूजा की शिक्षा के प्रति ललक को देखकर परिवार ने उसका पूरा सहयोग किया। पूजा के शादी के ऐनवक्त भी परीक्षा देकर शिक्षा को बढ़ावा देने पर सभी ने सराहना की है। लोगों का कहना है कि इसी तरह सभी बालिकाओं में सोच आ जाए तो सरकार को बेटी पढ़ाओ- बेटी बढ़ाओ का नारा निश्चित रूप से साकार होगा।

किशनगढ़-रेनवाल. मुस्कान के साथ परीक्षा देती छात्रा पूजा।

भास्कर न्यूज | किशनगढ़-रेनवाल

वर्तमान समय में शिक्षा का महत्व किस कदर तक बढ़ चुका है, इसका नजारा बुधवार को शहर में देखने काे मिला। एक दुल्हन जिसकी बरात दरवाजे तक पहुंच चुकी थी, लेकिन उसने परीक्षा को अहमियता देते हुए पहले अपना पेपर दिया बाद में सात फेरे लिए। मलिकपुरा की पूजा यादव की शादी बुधवार को देवलिया (करणसर) के डॉ.राजेश यादव के साथ हुई। मालीराम यादव की 20 वर्षीया पुत्री पूजा हाथों में हल्दी और मेहंदी रचाकर फेरे लेने से पहले शहर के पुरुषोत्तम महाविद्यालय के सेंटर पर परीक्षा देने पहुंची तो यह नजारा देख परीक्षा अध्ययन में छात्राएं सहित परीक्षा वीक्षक भी हैरान रह गए। पूजा ने दोहरी खुशी को समटते हुए मंद मंद मुस्कान के साथ बीए द्वितीय वर्ष का भूगोल का पेपर दिया।

कॉलेज निदेशक सुधीर शर्मा ने बताया कि बीए द्वितीय वर्ष का भूगोल का पेपर अपराह्न 3 से शाम 6 बजे तक था तथा पूजा के फेरे भी गोधूली बेला में थे। एेसे में पूजा परीक्षा के तत्काल बाद अपने घर पहुंची और दुल्हन बन कर सात फेरे लिए। इसके लिए परिजनों ने गाड़ी की व्यवस्था भी कर रखी थी। पूजा ने शिक्षा के अहमियता के बारे में बताया कि वह पढ़ लिखकर कुछ बनना चाहती है। इस कारण वह पेपर देने आई है। आने-जाने में कुछ देरी जरूर होगी, लेकिन यदि परीक्षा पेपर नहीं देती तो साल खराब हो जाता। पूजा ने बताया कि वह गुरुवार को भी हिन्दी साहित्य का पेपर देने अाएगी। पूजा बधाल के एक निजी महाविद्यालय की नियमित छात्रा है, जिसका परीक्षा सेंटर रेनवाल आया है। दो भाइयों के बीच इकलौती बहन पूजा के पिता मध्यप्रदेश में एक प्राइवेट कंपनी में कार्य करते हैं। पूजा की शिक्षा के प्रति ललक को देखकर परिवार ने उसका पूरा सहयोग किया। पूजा के शादी के ऐनवक्त भी परीक्षा देकर शिक्षा को बढ़ावा देने पर सभी ने सराहना की है। लोगों का कहना है कि इसी तरह सभी बालिकाओं में सोच आ जाए तो सरकार को बेटी पढ़ाओ- बेटी बढ़ाओ का नारा निश्चित रूप से साकार होगा।

अक्षय तृतीया के अबूझ सावे पर शादियों की रही धूम

मलिकपुरा में युवती ने बेटी पढ़ाओ व बेटी बचाओ के नारे को किया साकार

चौमू|जिले में बुधवार को अक्षय तृतीया पर अबूझ सावे पर शादियों की धूम रही। इस मौके पर शहरों के अलावा ग्रामीण क्षेत्र में अधिक शादी समारोह हुए है। शहर में भी सावे के कारण विभिन्न रूटों के निजी वाहन बुक हो जाने के कारण बुधवार को दैनिक यात्रा करने वालों के अलावा अन्य यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के बाजारों में रौनक रही। अधिकांश खरीदारी सावे को लेकर ही हो रही थी।

बगरू ग्रामीण । अक्षय तृतीया के अबूझ सावे पर कस्बे सहित आसपास क्षेत्र में शहनाइयों की गूंज रही। अबूझ सावे में जहां ग्रामीण क्षेत्र में शादियों की धूम रही। वहीं शहर में भी शादियों का माहौल बना हुआ था। शहर की गलियों में बैंडबाजों की धुनें सुनाई दे रही थी और बाजारों में कपड़े, आभूषण, हलवाईयों आदि की दुकानों पर दिनभर रौनक देखने को मिली। दुकानों पर लोगाें ने शादी विवाह से संंबंधित खरीदारी की।

न बैंडबाजा, न दहेज और हो गई शादी, अंकेश चौधरी ने पेश की मिसाल

कौथून|देश में जहां एक तरफ लोग अपनी बेटियों की शादी में लाखों-करोड़ों रुपए खर्च कर गरीब लड़कियों के परिजनों के सामने तमाम मुश्किल खड़ी कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर निवाई तहसील क्षेत्र के नला गांव के रहने वाले पूर्व एमटेक छात्र अंकेश (अंकित) चौधरी ने शादी के मंडप का सामाजिक जागरूकता के लिए इस्तेमाल कर समाज में एक बेहतर मिसाल पेश की है।

दरअसल पांच लाख लड़कियां हर साल मां के पेट में सिर्फ दहेज की वजह से मार दी जाती हैं। दहेज की कमी की वजह से लड़कियों की शादी न हो पाना जैसी सामाजिक हकीकत अंकेश और उसके पिता श्रीराम चौधरी को काफी दिनों से बेचैन कर रही थी। इसलिए दहेज प्रथा के विरोध में बिना दहेज और फिजूलखर्ची किए सादगी से अपनी शादी की और समाज में एक ऐसी मिसाल पेश की जो अनुकरणीय है।

अंकेश चौधरी बताते हैं कि अपने आसपास मौजूद तमाम लोगों को देखा-सुना करते थे जो लैंगिक बराबरी और सुधार की बातें हमेशा करते थे, लेकिन सुधार की पहल खुद से करने में कतराते थे, लेकिन पिताजी की प्रेरणा से उनमें बराबरी की समझ पैदा हुई और इस सादा शादी के जरिए दहेज जैसी सामाजिक बुराई के प्रति जागरूकता फैलाने की कोशिश की। अंकेश और उनके पिता की इस पहल का उनके ससुर कौथून निवासी रामदयाल जाट ने भी स्वागत किया। इतना ही नहीं वधु अंजू ने भी बिना दहेज की इस शादी में अपनी सहमति जताई। अंजू खुद एक सक्षम व पेशे से अध्यापिका है।

समाज में मिसाल पेश की: चाकसू एसडीएम रणजीत सिंह गोदारा ने कहा कि समाज के लिए मिसाल प्रस्तुत करने वाले श्रीराम चौधरी व रामदयाल जाट ने अपने पुत्र-पुत्री के विवाहोत्सव पर मिसाल कायम की है। दहेज रूपी सामाजिक कुप्रथा से समाज त्रस्त है, लेकिन उनके पुत्र-पुत्री ने एक रुपए में शादी कर उदाहरण प्रस्तुत किया है। इसके लिए मैं वर-वधु और उनके परिजनों को शुभकामनाएं देता हूं।

खबरें और भी हैं...