दूषित पानी से फसल खराब, पीने लायक पानी नहीं, 20 से भूख हड़ताल का ऐलान
चौपानकी एवं आसपास के औद्योगिक क्षेत्र से आने वाले फैक्ट्रियों के दूषित पानी से गाढ़पुर गांव में बड़ी समस्या आ गई है। ग्रामीणों की फसलें खराब हो रही हैं। पीने का पानी प्रदूषित हो रहा है। कई पशु मर चुके हैं। इन्हीं समस्याओं को लेकर मंगलवार को गाढ़पुर के ग्रामीणों ने रीको यूनिट प्रथम कार्यालय में जाकर क्षेत्रीय प्रबंधक को खरी-खोटी सुनाई। समस्या का शीघ्र समाधान नहीं होने पर 20 मई से भूख हड़ताल की चेतावनी भी दी। गाढ़पुर निवासी इस्माइल, शाकिल खान, असगर, आसनू, गफूर आदि ने बताया कि गाढ़पुर गांव भिवाड़ी और चौपानकी औद्योगिक क्षेत्र के बीच स्थित है। फैक्ट्रियों से छोड़े जाने वाला दूषित पानी नालों से होकर गांव में जा रहा है। इससे गांव में कई तरह की बीमारियां फैल गई हैं। फसलें खराब हो रही हैं। पीने का पानी भी प्रदूषित हो गया है। गांव के कई पशु इस प्रदूषित पानी को पीकर मर चुके हैं। पूरा गांव प्रदूषण की जकड़ में है। ग्रामीण ठीक ढंग से सो भी नहीं पा रहे। इस संबंध में पहले भी कई बार रीको अधिकारियों को शिकायत दी गई। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब ग्रामीण समस्याओं को लेकर 20 मई से चौपानकी रोड पर एस्सार पेट्रोल पंप के समीप भूख हड़ताल पर बैठेंगे। समस्या को लेकर सीएम विंडो और एनजीटी में भी शिकायत की जाएगी।
नालों में बहता है दूषित पानी : कोई भी फैक्ट्री लगते समय उसके संचालक से पानी के शून्य डिस्चार्ज का एफिडेविड लिया जाता है। बावजूद इसके भिवाड़ी क्षेत्र की कई फैक्ट्रियां इस दूषित पानी को नालों में बहा रही हैं। हालांकि फेज पहले से लेकर पांचवे तक की फैक्ट्रियों के दूषित पानी के निस्तारण के लिए वसुंधरा नगर में सीईटीपी भी लगा है। जिसकी क्षमता नौ एमएलडी है। इन फैक्ट्रियों का दूषित पानी यहां साफ होता है। लेकिन यहां तक इस पानी को लाने एवं बाद ले जाने के लिए अधिकांश जगह खुले नालों का प्रयोग किया जाता है। नाले करीब 25 से 30 साल पुराने हैं। ऐसे में कई जगह पानी निकलकर भूमिगत जलस्स्रोतों में मिल रही है। वह बहुत जगह गांवों में एकत्रित होकर तालाब का रूप ले रहा है।
भिवाड़ी. क्षेत्रीय प्रबंधक को समस्या बताते ग्रामीण।
सीईटीपी बनने पर होगा समाधान
रीको प्रथम के क्षेत्रीय प्रबंधक टीसी भट्ट के अनुसार अभी हाल में साहड़ोद में सीईटीपी को लेकर वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। यहां सीईटीपी बनने के बाद चौपानकी, कहरानी, बिलाहेड़ी और पथरेड़ी औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों का दूषित पानी यहां शोधित होगा। पानी को साफ करने के बाद इस साफ पानी का एग्रीकल्चर, बागवानी में उपयोग किया जाएगा। इसके बाद इस समस्या का स्वतःही समाधान हो जाएगा। अभी हाल में वसुंधरा नगर में बने सीईटीपी में पानी शुद्ध तो होता है लेकिन बाद में खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में जाकर छोड़ दिया जाता है। जिससे इस पानी का उपयोग नहीं हो पाता। हालांकि अभी हाल के बजट में सत्र में इसके लिए 146 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति मिली है। जिसके बाद औद्योगिक क्षेत्र से लेकर सीईटीपी तक पाइप लाइनें बिछाई जाएगी। एक पाइप लाइन से दूषित पानी आएगा। वहीं दूसरे पाइप पानी साफ होकर बाहर निकलेगा। जिसका बागवानी सहित अन्य जगह उपयोग हो सकेगा।