बाड़मेर | विभिन्न मांगों को लेकर मनरेगा संविदा कार्मिकों का धरना शुक्रवार को 18वें दिन भी जारी रहा। कार्मिकों का कहना है कि पंचायतीराज विभाग द्वारा वर्ष 2013 में कनिष्ठ लिपिक के 19515 पदों एवं एसएसआर के 4915 विभिन्न पदों के लिए भर्ती निकाली गई थी। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बोनस विवाद का निर्णय 29 नवंबर 2016 को सरकार व संविदा कार्मिकों के पक्ष में आ चुका है, लेकिन आज तक सिर्फ कनिष्ठ लिपिक के पद पर 8493 अभ्यर्थियों को ही नियुक्ति दी गई है। बाकी शेष संपूर्ण पदों पर नियुक्ति नहीं दी जा रही है, इसके कारण अभ्यर्थी एवं संविदा कार्मिक अपने भविष्य को लेकर काफी चिंतित है। कार्मिकों ने बताया कि ओमप्रकाश भील की धरने के दौरान चिंता करने से ह्रदयघात के कारण मृत्यु हो गई, जिसके परिवार की सहायता की जाए।
चौहटन | मनरेगा संविदा कार्मिकों के आंदोलन के समर्थन में चौहटन के पंचायतीराज विभाग के मंत्रालयिक कर्मचारियों ने भी शुक्रवार को कार्यों का बहिष्कार कर पंचायतीराज के प्रमुख शासन सचिव के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अर्जुनसिंह सोढ़ा व सचिव राजूराम विरट ने बताया कि मंत्रालयिक कर्मचारी अपने कैडर रिव्यू करने, कनिष्ठ लिपिक भर्ती 2013 में शेष रहे पदों को भरने, स्थानांतरण नीति सहित कई नैसर्गिक न्याय प्राप्त नहीं होने से क्षुब्ध होकर शुक्रवार से सभी कार्यों और जिम्मेदारियों का बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया।