फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ भास्कर के स्टिंग के बाद झोलाछाप फर्जी डॉक्टर भाग गए हैं। गांवों में इनका कोई अता-पता नहीं है। शुक्रवार को चिकित्सा विभाग और औषद्यि नियंत्रण विभाग की टीम दूसरे दिन भी सुबह से लेकर शाम तक गांव-गांव घूमती रही। कहीं भी ये फर्जी डॉक्टर नहीं मिले। घरों, दुकानों व कमरों के ताले लगे मिले। औषद्यि नियंत्रण अधिकारी गौरीशंकर प्रजापत व चंद्रकात शर्मा ने बताया कि झोलाछाप डॉक्टरों को पकड़ने के लिए पीथीसर, ढाढरिया चारणान, नाकरासर, धीरासर चारणान में टीम पंहुची। ग्रामीणों से झोलाछाप डॉक्टरों के बारे में जानकारी जुटाई। सूचना के आधार पर उनके घर, दुकान व कमरे संभाले तो ताला लटका दिखाई दिया। सुबह नौ बजे से लेकर शाम छह बजे तक कुल नौ घंटे तक टीम गांव-गांव घूमती रही, लेकिन उन्हें एक भी फर्जी डॉक्टर नहीं मिला। टीम में बीसीएमओ डॉ. इदरीश, बीपीएम ओमप्रकाश, मुकारब खां आदि शामिल थे।