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प्रदेश के 52 डिपो होंगे ऑनलाइन, कहीं से भी मंगवा सकेंगे पार्ट्स

3 वर्ष पहले
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बसों के ब्रेकडाउन पर अब अंकुश लगेगा। इससे जिले के हजारों यात्रियों को आवागमन में फायदा मिलेगा। राजस्थान रोडवेज सभी डिपो के स्टोर को ऑनलाइन कर रहा है। इसके आदेश जारी हो गए है। सरदारशहर डिपो का वर्कशॉप तो ऑनलाइन हो गया है। मुख्य डिपाे प्रबंधक अनुपमा सारस्वत ने बताया कि यहां स्टोर में कार्यरत कर्मचारियों को जयपुर से प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इधर, चूरू डिपो में अभी एक-दो महीने का समय लगेगा। नई व्यवस्था से ये फायदा होगा कि बस में आई खराबी पर संबंधित पार्ट्स की जरूरत को स्टोर इंचार्ज उसे कंप्यूटर पर ऑनलाइन देखकर किसी भी डिपो से मंगवा सकेगा। अभी डिपो के एमओ को बस के पार्ट्स खरीदने के लिए हैड ऑफिस में संबंधित इंचार्ज को मेल करनी पड़ती है। महंगे पार्ट्स हैड ऑफिस से खरीद के बाद ही संबंधित डिपो में आते हैं। नई व्यवस्था से सभी डिपो के स्टोर को फायदा होगा। बहानेबाजी भी खत्म हो जाएगी। रोडवेज प्रशासन को उम्मीद है कि खर्चे में भी कमी आएगी। इतना नहीं पार्ट्स की कमी से ज्यादा समय बस डिपो में नहीं खड़ी होगी।

बस के नंबर से अलॉट होंगे पार्ट्स :

डिपो से कौनसा पार्ट्स कब जारी हुआ। उसकी डिटेल एमओ स्टोर में भिजवाएगा। जिस वाहन में पार्ट्स डाला गया है। उसके नंबर तथा संपूर्ण डिटेल कंप्यूटर में भरी जाएगी। नई व्यवस्था से रोडवेज के खर्चे में कमी आएगी। चूरू डिपो के मुख्य प्रबंधक परमेश्वरलाल सैनी ने बताया कि नई व्यवस्था शुरू होने में फिलहाल एक-दो महीने का समय लगेगा। वर्कशॉप में पहले कंप्यूटर की व्यवस्था की जाएगी।

दो महीने पहले रोडवेज मुख्यालय ने प्रदेश के सभी डिपो के स्टोर को ऑनलाइन करने के आदेश जारी किए थे

अब रोडवेज बसों के ब्रेकडाउन पर लगेगा अंकुश

प्रदेश के 52 डिपो की स्टोर ऑनलाइन होते ही एक सर्वर के जरिए जुड़ जाएंगे। अगर चूरू की वर्कशॉप में कोई पार्ट्स जरूरत होगी तो निकटवर्ती सीकर, सरदारशहर व झुंझुनूं डिपो से होने पर ऑनलाइन आर्डर देकर मंगाया जाएगा। नई व्यवस्था से सर्वर पर पार्ट्स की डिटेल हर वक्त दिखाई देगी। पता रहेगा कि डिपो में कितना स्टॉक मौजूद है। क्या सामान कम है, जिसकी खरीद की जानी है। इससे रोडवेज को फालतू सामान नहीं खरीदना पड़ेगा। खर्चे में भी कमी आएगी। ब्रेक डाउन का ग्राफ कम होगा। इतना जरूर है कि पार्ट्स अलॉट जयपुर की मेन वर्कशॉप ही करेगी।

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