पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • पुलिस के लिए सिर दर्द बने वाहन चोर

पुलिस के लिए सिर दर्द बने वाहन चोर

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पुलिस के लिए सिर दर्द बने वाहन चोर

2 वाहन हर दिन चोरी, चार महीने में 42 वाहन चुराए बाहरी गैंग ने

92 वाहन चोरी हुए थे साल 2017 में

इस साल 17 वाहन ही किए बरामद।

वाहन चोरी के बाद पुलिस की लापरवाही

वाहन चोरी होने की सूचना के बाद पुलिस काफी लापरवाही बरतती है। कंट्रोल रूम से नाकाबंदी की सूचना मिलने के बाद भी नाकाबंदी नहीं की जाती है। पीड़ित रिपोर्ट लिखवाने के लिए थाने पहुंचता है तो आसानी से उसकी रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की जाती है।

चोरी की बाइक मिलने के बाद काटने पड़ते हैं चक्कर : पीड़ित बाइक चोरी होने के बाद थाने में रिपोर्ट दर्ज करवा देता है। इस दौरान अगर उसकी बाइक कहीं पर मिल जाती है तो बाइक को लेने के लिए उसे चक्कर काटने पड़ते हैं। पीड़ित को कोर्ट में जाकर बाइक के दस्तावेज जमा करवा कर सुपुर्दगी करवानी पड़ती है, तब जाकर उसे थाने से बाइक मिल पाती है।

चूरू. जिले में तीन महीने से वाहन चोर पुलिस के लिए सिर दर्द बने हुए हैं। रोजाना जिले में औसतन दो बाइक चोरी हो रही हैं। वाहन चोरों ने 2018 में सिर्फ 4 महीने में 42 वाहन चोरी हुए। इनमें चोरी के 17 वाहन बरामद हुए। पिछले दो सालों की तुलना करें तो चार महीने में सबसे अधिक वाहन चोरी हुए हैं।

वर्ष 2016 2017 2018

वाहन चोरी/बरामद चोरी/बरामद चोरी/बरामद

दुपहिया 49/20 67/18 42/15

चौपहिया 21/13 25/16 04/02

पांच से छह हजार में बेच देते बाइक

जिले में बाहर के कई वाहन चोर गैंग सर्किय हैं। बाइक चोर शहर से बाहर कबाड़ियों से संपर्क रखते हैं। इसके बाद बाइकों को खोल कर अलग-अलग पाट्‌र्स कर बेच देते हैं। इसके अलावा बाइकों को दूरदराज से पढ़ने आने वाले छात्रों को भी पांच से छह हजार रुपए में बेच देते हैं।

कंटेंट : आशीष गौतम डिजाइन : सुनील सैन

खबरें और भी हैं...