श्रीराम मंदिर में आध्यात्मिक कार्यक्रम की श्रृंखला में 21 साल पूरे होने पर पुरूषोत्तम मास में गो सेवार्थ भागवत कथा का आयोजन हो रहा है। महामंडलेश्वर करूणागिरी ने दूसरे दिन की कथा में कहा कि भागवत का श्रवण जन्म जन्मांतर के पुण्यों के फल स्वरूप प्राप्त होता है। कलियुग में कल्याण का एक मात्र सरल व सहज साधन कथा का मन से श्रवण पान करना ही है। इस मौके पर मोहनलाल शर्मा, देवकीनंदन शर्मा, ओमप्रकाश, बृजेंद्र दाधीच, शंकरलाल, छतरसिंह डागा, महावीर प्रसाद शर्मा, द्वारकाप्रसाद प्रजापत व अन्य श्रद्धालु थे। संचालन बाबूलाल शर्मा ने किया।
चूरू. राम मंदिर में चल रही भागवत कथा में उपस्थित महिलाएं।