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संत प्रहलादराय ने राम वनवास व केवट द्वारा नैया पार के प्रसंग सुनाए

3 वर्ष पहले
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रतनगढ़. प्रहलादजी की प्याऊ के पास चल रही राम कथा में उपस्थित श्रद्धालु।

भास्कर न्यूज | रतनगढ़

वार्ड 20 में प्रहलादजी की प्याऊ के पास चल रही राम कथा में शुक्रवार को कथावाचक संत प्रहलादराय ने स्वार्थ त्यागने का आह्वान किया। संत ने कहा कि भाई को भाई से प्रेम करना चाहिए। उन्होंने राम-भरत के प्रेम को ही आपसी भाईचारे के लिए उत्तम बताया। महाराज ने शुक्रवार को राम वनवास व केवट द्वारा नैया पार के प्रसंगों पर प्रकाश डाला। इस दौरान चूरू निवासी बालिका रसिका अग्रवाल ने भ्रूण हत्या को महापाप बताते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं से बेटी बचाओ व बेटी पढ़ाओं का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गर्भ में बालिका की हत्या होने से लिंगानुपात में भी अंतर आएगा, जो सोचनीय विषय है। मुख्य यजमान उमादेवी-बिरदाराम माचीवाल, राधादेवी-मनोज जांगिड़ ने व्यासपीठ की पूजा-अर्चना की। इस मौके पर टीकूराम बिंवाल, सांवरमल माटोलिया, ओमप्रकाश शर्मा, पूर्व पार्षद नंदकिशोर भार्गव, विश्वनाथ, नंदलाल, ऋषिराज आत्रेय, हरिराम यादव, राजकुमार पुजारी, विष्णु आत्रेय, राजेंद्र प्रजापत आदि उपस्थित थे।

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