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50 से अिधक विधवा, बुजुर्ग व दिव्यांग तीन साल से भटक रहे पेंशन के लिए

3 वर्ष पहले
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दबोह कस्बे में दिव्यांगों को शासन से मिलने वाली सहायता राशि पेंशन योजना के लाभ से वंचित रखा जा रहा है। नगर के 50 से अधिक विकलांग, विधवा और वृद्धजन को तीन साल से पेंशन उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। पेंशन लेने के लिए जब नगर परिषद कार्यालय जाते हैं तो उन्हें दस्तखत करके लौटा दिया जाता है। पूर्व पार्षद मुकेश खटीक ने नप अध्यक्ष रूपनारायण खटीक और सीएमओ शशांक पर गरीबों की सहायता राशि हड़पने का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों से चर्चा की गई तो उन्होंने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। जबकि दिव्यांगों को यह भरोसा पिछले तीन साल से दिलाया जा रहा है।

राज्य शासन की ओर से असहाय लोगों की आजीविका पटरी पर लाने के लिए आर्थिक सहायता राशि के तहत पेंशन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। लेकिन पेंशन का लाभ केवल गिने चुने लोगों को ही दिया जा रहा है। ऐसे में उन लोगों के यहां आर्थिक संकट गहरा गया है, जिनके यहां आय का दूसरा कोई माध्यम नहीं है। मालूम हो कि दिव्यांगों को शासन की तरफ से प्रति माह 300 रुपए की पेंशन उपलब्ध कराई जाती है। जिससे उनका गुजारा चलता है। मगर देखा गया है कि शासन की इस योजना का लाभ पात्रों तक नहीं पहुंच रहा है। जिससे न केवल खाने के लाले पड़ रहे हैं, बल्कि शासन की योजनाओं से लोगों का विश्वास भी डगमगाने लगा है।

समाजसेवियों ने उठाई आवाज: नगर के वरिष्ठ समाजसेवी और पूर्व पार्षद मुकेश खटीक ने दिव्यांगों को मिलने वाली पेंशन राशि में नगर परिषद अधिकारियों पर घोटाले का आरोप लगाया है। पूर्व पार्षद ने बताया नगर में 50 से 60 दिव्यांग ऐसे हैं, जिनकी पेंशन पिछले तीन साल से नहीं दी गई हैं। खास बात तो यह है कि गरीबों को उनके हक से वंचित कर नप अधिकारी खुद की तिजौरी भर रहे हैं। जबकि पात्रों को केवल आश्वासन देकर खानापूर्ति कर दी जाती है। पेंशन की मांग को लेकर दिव्यांग पूर्व में भी शासन व प्रशासन के अधिकारियों से मांग कर चुके हैं। लेकिन असहाय दिव्यांगों की ओर किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने लेकिन असहाय दिव्यांगों की ओर किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया है।

नगर परिषद दबोह के अध्यक्ष रूपनारायण खटीक से दिव्यांगों ने सहायता राशि की पेंशन की मांग को लेकर पूर्व में कई बार गुहार लगाई है। लेकिन अध्यक्ष श्री खटीक ने हर बार लोगों को आश्वासन देकर लौटा दिया। वार्ड आठ में रहने वाले दिव्यांग रामकुमार पुत्र रामखिलौना ने बताया पिछले ढाई साल से पेंशन बंद है। पेंशन के रुपए से थोड़ा बहुत अनाज लेकर खाने का प्रबंध करते थे, अब वह भी नहीं रहा है। मालूम हो कि शांति पुत्री तुलसीराम कुशवाह, रामकुमार, छगु पुत्र वसीर खान को विकलांग और रामसिंह पुत्र अलु कुशवाह, शांति प|ी कल्ले, बालकिशन पुत्र खेरनसिंह सहित आदि लोगों की वृद्धा पेंशन नहीं दी जा रही है।

नगर परिषद कार्यालय के बाहर खड़े लोग।

इधर...तीन माह से नहीं मिली खाद्यान्न पर्ची

एक ओर दिव्यांगों को पेंशन की राशि नहीं दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर इन गरीबों को तीन माह से खाद्यान्न पर्ची उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। जिसके कारण गरीबों को सरकारी राशन उपलब्ध नहीं हुआ है। लोगों ने पर्ची के लिए नगर परिषद अधिकारियों से कई बार शिकायत की है, मगर सीएमओ द्वारा लोगों को समय देकर टाल दिया जाता है। पर्ची नहीं मिलने से गरीबों को प्राइवेट दुकानों से महंगे दामों में राशन खरीदना पड़ रहा है। इस तरह इन गरीबों को शासन की दौहरी मार झेलनी पड़ रही है। हालांकि यह लोग बीपीएल की सूची में शामिल हैं, लेकिन गरीबी रेखा में शामिल होने की पात्रता होते हुए भी लाभ प्रदान नहीं किया जा रहा है।

आधार नंबर फीड नहीं है कहकर लौटा देते हैं: शांति

पेंशन प्राप्त करने के लिए कई बार अधिकारियों के चक्कर लगा चुके हैं। हमेशा यह कहकर लौटा दिया जाता है कि आधार नंबर फीड नहीं हुआ है। जिसके कारण पेंशन रुकी है। शांति कुशवाह, दिव्यांग, दबोह

हम करेंगे आंदोलन: मुकेश

नगर परिषद अधिकारी दिव्यांगों की पेंशन हड़पकर शासन को चपत लगा रहे हैं। लोगों को पेंशन का लाभ जल्द ही प्राप्त नहीं हुआ तो हम आंदोलन करेंगे। मुकेश खटीक, पूर्व पार्षद, दबोह

मामले की कराएंगे जांच

दिव्यांगों को पेंशन क्यों नहीं दी जा रही है, इस संबंध में हमें जानकारी नहीं है। हम जांच कराकर पात्रों को लाभ प्रदान कराने का प्रयास करेंगे। शशांक, सीएमओ, नप दबोह

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